- January 24, 2026
DGCA की कार्रवाई का असर! इंडिगो ने 700 से ज्यादा स्लॉट छोड़े, दूसरी एयरलाइंस के लिए मौका
IndiGo Airline Slots Cut: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो एक बार फिर सुर्खियों में है. कंपनी ने देश के अलग-अलग घरेलू हवाई अड्डों पर अपने 700 से ज्यादा स्लॉट छोड़ दिए हैं. यह फैसला नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की सख्त कार्रवाई के बाद लिया गया है. जिसमें डीजीसीए ने सर्दियों की उड़ानों में कटौती के निर्देश दिए गए थे. यह कदम सीधे तौर पर पिछले साल दिसंबर में हुई बड़ी अव्यवस्था से जुड़ा माना जा रहा है.
दरअसल, दिसंबर की शुरुआत में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था. 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो की करीब 2,507 उड़ानें रद्द हुई थीं. जबकि 1,852 फ्लाइट्स देरी से चली थीं.
इस दौरान यात्रियों को घंटों एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा था. जिससे करीब तीन लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए थे. इसी मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजीसीए ने कार्रवाई की है. जिसके बाद अब इंडिगो को अपने कई स्लॉट छोड़ने का फैसला लिया हैं.
डीजीसीए की सख्ती के बाद बदला शेड्यूल
दिसंबर में हुई अव्यवस्था के बाद डीजीसीए ने इंडिगो पर कड़ा कदम उठाते हुए उसके विंटर शेड्यूल में 10 फीसदी की कटौती करने का फैसला लिया था. इसका असर यह हुआ कि एयरलाइन को कई उड़ानें बंद करनी पड़ी.
इसी निर्देश के तहत अब इंडिगो ने मंत्रालय को 717 स्लॉट की सूची सौंपी है, जिन्हें उसने छोड़ दिया है. स्लॉट दरअसल एयरपोर्ट पर विमान के टेक-ऑफ और लैंडिंग के लिए तय किया गया समय होता है.
मेट्रो एयरपोर्ट्स पर सबसे ज्यादा असर
इंडिगो के 717 स्लॉट्स छोड़ने का सबसे ज्यादा असर प्रमुख महानगरों के एयरपोर्ट में देखने को मिल सकता है. मिली जानकारी के अनुसार, इंडिगो ने दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे छह बड़े एयरपोर्ट्स पर करीब 364 स्लॉट खाली करने का फैसला लिया है.
इनमें खास तौर पर हैदराबाद और बेंगलुरु में सबसे ज्यादा कटौती देखने को मिली है. टाइम की बात करें तो, ये स्लॉट जनवरी से मार्च के बीच के लिए छोड़े गए हैं. जिससे इन शहरों की उड़ानों पर असर पड़ सकता है.
सरकार ने दूसरी एयरलाइंस को दिया मौका
यात्रियों को होने वाली परेशानी को कम करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर इस संबंध में वैकल्पिक कदम उठाया गया हैं. मंत्रालय ने दूसरी एयरलाइनों से इन खाली स्लॉट्स के लिए आवेदन मांगे हैं.
ताकि उड़ानों का संचालन पहले की तरह ही सुचारू रूप से जारी रह सके. हालांकि सरकार ने साफ कर दिया है कि कोई भी कंपनी नए स्लॉट लेने के लिए अपने मौजूदा रूट को बंद नहीं करेगी. इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यात्रियों की सुविधा पर ज्यादा असर न पड़े.
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