• January 24, 2026

‘EU ने भारत पर टैरिफ लगाने से इनकार कर दिया था क्योंकि…’, मदर ऑफ ऑल डील्स से पहले ट्रंप के कर

‘EU ने भारत पर टैरिफ लगाने से इनकार कर दिया था क्योंकि…’, मदर ऑफ ऑल डील्स से पहले ट्रंप के कर
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डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और अमेरिका के वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने हाल ही में दावा किया है कि अमेरिकी टैरिफ की वजह से भारत के रूसी तेल खरीद में कमी आई है. उन्होंने कहा कि यूरोपीय यूनियन ने भारत पर ऐसा टैरिफ लगाने से इनकार कर दिया था क्योंकि वे नई दिल्ली के साथ एक बड़ी डील करना चाहते थे. बता दें कि ईयू की चीफ उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत के साथ होने वाली ट्रेड डील को मदर ऑफ ऑल डील्स बताया था. 

यूएस वित्त सचिव ने पॉलिटिको को दिए इंटरव्यू में ग्रीनलैंड और ग्लोबल इकोनॉमी में अमेरिका की भूमिका समेत कई मुद्दों पर बात की थी. उन्होंने कहा, ‘हमने रूस से तेल खरीदने पर भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया, जिसके परिणामस्वरूप भारत की रिफाइनरियों द्वारा रूसी तेल की खरीद में भारी गिरावट आई. रूसी तेल पर 25 प्रतिशत टैरिफ अभी भी लागू हैं.’

भारत पर लगे 25 फीसदी टैरिफ को हटा सकता है अमेरिका: बेसेंट

इस दौरान बेसेंट ने यह भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन भारत पर लगाए गए इन टैरिफ को हटा भी सकता है. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि इन्हें हटाने का रास्ता जरूर है, इसलिए यह एक तरह की रोक है और एक बड़ी सफलता है.’ अमेरिकी वित्त सचिव ने यूरोपीय यूनियन को दिखावटी नैतिकता का प्रदर्शन करने वाला भी बताया. 

यूक्रेन युद्ध के दौरान रूसी तेल खरीद में भारत की बढ़ी हिस्सेदारी

अमेरिका के वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले से पहले भारत के कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी करीब 2 से 3 प्रतिशत थी. हालांकि, युद्ध के बाद यह हिस्सेदारी बढ़कर भारतीय रिफाइनरियों में 18 से 19 प्रतिशत तक पहुंच गई.

उन्होंने कहा कि यूरोपीय देश भारत की रिफाइनरियों से वही रूसी तेल खरीद रहे हैं, जिसे उन्होंने विडंबना और मुर्खती की पराकाष्ठा बताया. उन्होंने कहा कि इस तरह यूरोप खुद अपने खिलाफ चल रहे युद्ध को वित्तपोषित कर रहा है.

भारत के साथ EU का व्यापार समझौता

हाल ही में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने घोषणा की कि भारत–यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौता (FTA) अंतिम चरण में है. उन्होंने इसे मदर ऑफ ऑल डील्स करार दिया और कहा कि यह यूरोपीय संघ के साथ संबंधों को गहराई देने की दिशा में एक अहम उपलब्धि होगी.

यह भी पढ़ेंः फ्रांस से राफेल के बाद अब EU संग भी होगी बड़ी डील, यूरोप पर ट्रंप की टेढ़ी नजर के बीच लगेगी मुहर



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