- January 30, 2026
T-20 वर्ल्ड कप से पहले PAK ने भारत के खिलाफ चलाया प्रोपेगेंडा, खुल गई फर्जी नैरेटिव की पोल
भारत में अगले महीने 7 फरवरी को शुरू होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप से पहले पड़ोसी देश पाकिस्तान ने अब निपाह वायरस को लेकर भारत के खिलाफ फर्जी कैंपेन अपने बॉट अकाउंट्स से चलाना शुरू कर दिया है. जहां पाकिस्तानी बॉट अकाउंट्स झूठा दावा कर रहे हैं कि भारत में निपाह वायरस का कहर है. इसकी वजह से टी-20 विश्व कप खतरे में हैं.
पाकिस्तान से चलाए जा रहे इस पूरे फर्जी नैरेटिव कैंपेन में एक लाख से ज्यादा पाकिस्तानी अकाउंट्स का प्रयोग किया गया. इसमें AI जनरेटेड तस्वीरों के साथ यहां तक माहौल बनाया गया कि भारत में होने वाला टी20 वर्ल्ड कप रद्द तक हो सकता है.
पूरे नैरेटिव में पाकिस्तान ने इतने रुपये खर्च किए
एबीपी न्यूज़ की पड़ताल में सामने आया है कि इस पूरे नैरेटिव कैंपेन में पाकिस्तान ने कुल 4 लाख 89 हजार भारतीय रुपये से ज्यादा खर्च किए यानी कुल 14 लाख 90 हजार पाकिस्तानी रुपये. साथ ही पूरी नैरेटिव कैंपेन में जिन अकाउंट्स का उपयोग किया गया उसमे से 81 फीसदी अकाउंट पाकिस्तान के थे और 3 फ़ीसदी अकाउंट या तो बांग्लादेश के थे या फिर वीपीएन के जरिए लोकेशन बांग्लादेश सेलेक्ट की गई थी. साथ ही इन बॉट अकाउंट्स की पड़ताल करने पर पता चलता है कि ये अकाउंट्स पाकिस्तानी सेना के X कॉर्प्स द्वारा अंदरूनी और बाहरी नैरेटिव कैंपेन संचालित किए जाते हैं
साथ ही भारत के खिलाफ टी-20 विश्व कप से पहले फ़र्ज़ी नैरेटिव फैलाने के लिए सबसे पहले 5-10 पाकिस्तानी सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स की मदद ली गई जो सेना के एक्स कॉर्प्स और ISPR के लिए काम करते हैं और फिर लाखों बॉट अकाउंट्स से भारत में निपाह वायरस के फर्जी संकट के इस नैरेटिव को फैलाया गया.

इस समय पाकिस्तानी सेना के X कॉर्प्स का मुख्यालय रावलपिंडी में है जिसकी कमान पाकिस्तानी सेना का मेजर जनरल एमर एहसान नवाज संभाल रहा है जिसने कुछ समय पहले ही ISKP और लश्कर ए तैयबा की जॉइंट ब्रिगेड की भी नीव रखी है.
भारत में निपाह वायरस के दो मामले आए सामने
पाकिस्तान के प्रोपेगंडा के इतर भारत में अब तक निपाह वायरस के सिर्फ 2 मामले ही सामने आए है और दोनों बिल्कुल स्वस्थ हैं. साथ ही निपाह वायरस को डिटेक्ट और रोकथाम के लिए भारत सरकार का स्वास्थ्य मंत्रालय भी सजग है और इन 2 लोगों के संपर्क में आये 196 से ज़्यादा लोगों के भी टेस्ट हो चुके हैं जिनमें ना ही निपाह वायरस के लक्षण मिले और ना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई.