- February 13, 2026
बांग्लादेश में जीत के बाद भारत को लेकर BNP का पहला रिएक्शन, तारिक रहमान के करीबी ने क्या कहा?
बांग्लादेश चुनाव के नतीजों में बड़ा उलटफेर देखने को मिला. पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान की नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने एक तरफा जीत हासिल की. हाल ही में BNP के वरिष्ठ नेता सलाहुद्दीन अहमद ने भारत और बांग्लादेश के संबंधों पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अब सभी देशों, खासकर भारत और पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते सुधारने की जरूरत है.
सलाहुद्दीन ने भारत के साथ रिश्तों पर क्या कहा?
सलाहुद्दीन अहमद ने कहा, ‘अब हमें भारत समेत सभी देशों के साथ सार्वभौमिक समानता के आधार पर दोस्ताना रिश्ते बनाने की जरूरत है.’ यह बयान भारत के साथ संबंधों को रीसेट करने की BNP की इच्छा को दिखाता है. BNP का मानना है कि संबंध पारस्परिक सम्मान, गरिमा और पारस्परिक हित पर आधारित होने चाहिए.
यह चुनाव 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन के बाद पहला बड़ा चुनाव था, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिर गई थी और वे भारत आ गई थीं. BNP के अध्यक्ष तारिक रहमान अब प्रधानमंत्री बनने की ओर हैं.
PM मोदी ने तारिक रहमान दो दी बधाई
तारिक की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई देते हुए X पर पोस्ट किया, ‘तारिक रहमान से बात करके मुझे बहुत खुशी हुई. मैंने उन्हें बांग्लादेश चुनावों में उनकी शानदार जीत पर बधाई दी. मैंने बांग्लादेश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के उनके प्रयासों में अपनी शुभकामनाएं और समर्थन व्यक्त किया. दो घनिष्ठ पड़ोसी देशों के रूप में, जिनके बीच गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं, मैंने दोनों देशों की जनता की शांति, प्रगति और समृद्धि के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया.’
Delighted to speak with Mr. Tarique Rahman. I congratulated him on the remarkable victory in the Bangladesh elections.
I conveyed my best wishes and support in his endeavour to fulfil the aspirations of the people of Bangladesh.
As two close neighbours with deep-rooted…
— Narendra Modi (@narendramodi) February 13, 2026
BNP ने भी भारत को धन्यवाद दिया और मजबूत द्विपक्षीय संबंधों की उम्मीद जताई.
भारत-बांग्लादेश के रिश्ते सुधरने के संकेत
सलाहुद्दीन अहमद BNP के स्टैंडिंग कमिटी सदस्य हैं और पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक हैं. वे चुनाव में भी जीते हैं और पार्टी की ओर से अक्सर बयान देते हैं. उनका यह बयान दिखाता है कि नई BNP सरकार भारत के साथ संबंध सुधारना चाहती है, लेकिन बराबरी और सम्मान के आधार पर, बिना किसी देश के हस्तक्षेप के. यह बयान दोनों देशों के बीच नए दौर की शुरुआत का अच्छा संकेत है. खासकर जब व्यापार, पानी बंटवारा, सुरक्षा और अल्पसंख्यक सुरक्षा जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हैं.
2024 में विरोध के चलते गिरी थी हसीना सरकार
2024 में शेख हसीना के खिलाफ बांग्लादेश में बड़े विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें 1,400 से ज्यादा लोग मारे गए थे. बढ़ते विरोध के चलते हसीना भारत चली गईं और वहां से रह रही हैं. बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की थी, क्योंकि उन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए मौत की सजा सुनाई गई है. लेकिन भारत ने हसीना को प्रत्यर्पित करने से इनकार किया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा.