• June 14, 2026

‘कल्याणकारी समाज का निर्माण सरकार की जिम्मेदारी…’, मुख्य आर्थिक सलाहकार ने ये क्यों कहा है?

‘कल्याणकारी समाज का निर्माण सरकार की जिम्मेदारी…’, मुख्य आर्थिक सलाहकार ने ये क्यों कहा है?
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Indian Economic Adviser V Ananta Nageshwaran: भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा है कि एक कल्याणकारी समाज का निर्माण करना लोकतांत्रिक सरकार की जिम्मेदारी है. हालांकि, हमेशा सवाल यही होता है कि क्या वो इसका खर्च वहन कर सकेंगी?

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा कि इस मुद्दे को भावनात्मक नजरिए से इतर समझदारी भरे नजर से देखना चाहिए. साथ ही सवाल पूछा जाना चाहिए कि क्या इससे लोगों की मदद हो पा रही है या नहीं. या इसे किसी ओर तरीके से किया जा सकता था. 

यह सरकार और समाज के बीच एक समझौता है: नागेश्वरन 

उन्होंने कहा कि अगर सोच समझकर लाई गई मुफ्त सुविधाओं से समाज को फायदा होता है, तो यह सरकार और समाज के बीच एक समझौता है. नागेश्वरन ने कहा कि विकसित देशों में कल्याणकारी खर्च होते हैं. वे भी कुछ सवालों से जूझ रहे हैं. उन्होंने पेंशन, बेरोजगारी, बीमा, स्वास्थ्य सुविधाओं के वादे किए हैं. जी-7 देश भी इससे जूझ रहे हैं. उन्होंने भी ये वादे किए थे. मुझे लगता है कि आम तौर पर कल्याणकारी समाज बनाना लोकतांत्रिक सरकार की जिम्मेदारी है. इसलिए यह नहीं कह सकते कि सरकार की तरफ से कोई लाभ नहीं होना चाहिए. 

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आर्थिक सलाहकार ने कहा है कि आबादी के कुछ वर्गों को मदद की जरूरत है. इन लाभों को शिक्षा और कौशल विकास जैसे पैमानों में सुधार से जोड़ा जा सकता है. क्या आप इन लाभों को आबादी उस खास वर्ग तक सीमित रखना चाहते हैं, जो इसके हकदार हैं? इसके बिना वह जीवित नहीं रह पाएंगे. आपको उन्हें एक खास स्तर तक लाना होगा. जहां वह कॉम्पिटिशन कर सकें. क्या आप वास्तव में फ्री सर्विस के अलावा दूसरे खर्चों के जरिए उनकी मदद कर सकते हैं? क्या आपको इसे सबसे लिए बनाना चाहिए? क्या आपको इसे बिना समय सीमा के बनाना चाहिए? 

आर्थिक सलाहकार ने कहा कि क्या आपको कुछ शर्तें जोड़ना चाहिए. इसलिए नहीं कि उन्हें किसी तरह के पैसे वापस करने हैं, बल्कि ऐसी शर्तें जो असल में उनके अपने भले के लिए हों. जैसे आपको अपने बच्चों की पढ़ाई लिखाई में सुधार दिखाना होगा, आपको उन्हें स्कूल भेजना होगा. तब मैं आपको यह दूंगा. 

उन्होंने कहा कि हमें देखना होगा कि क्या आप कम से कम ऐसी शर्तें जोड़ रहे हैं, जिनसे लोगों की जिंदगी की क्वालिटी बेहतर हो. ये सभी सवाल हैं. मुझे लगता है कि यह वह सवाल हैं, जो हमें पूछना चाहिए. इसी दिशा में हमें आगे बढ़ना चाहिए. 

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