• August 3, 2025

बांग्लादेश में हलचल! देश में छात्रों की नई पार्टी ने संभाली कमान, ‘नई बांग्लादेश’ बनाने का लिय

बांग्लादेश में हलचल!  देश में छात्रों की नई पार्टी ने संभाली कमान, ‘नई बांग्लादेश’ बनाने का लिय
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बांग्लादेश की राजधानी ढाका में रविवार को एक नई राजनीतिक पार्टी “नेशनल सिटिजन पार्टी” ने बड़ी रैली कर बांग्लादेश में एक नए संविधान और ‘दूसरे गणराज्य’ की स्थापना का ऐलान किया. यह पार्टी उन छात्रों ने बनाई है जिन्होंने पिछले साल के बड़े सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अहम भूमिका निभाई थी, जिनके चलते पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद छोड़ना पड़ा था. ढाका के ऐतिहासिक शहीद मीनार पर हुई इस रैली में करीब 1000 समर्थकों ने हिस्सा लिया.

शहीद मीनार से ‘दूसरे गणराज्य’ का आह्वान
पार्टी के नेता नाहिद इस्लाम ने कहा, “ठीक एक साल पहले यहीं से हमने तानाशाही से देश को मुक्त करने का संकल्प लिया था, और आज हम एक नई बांग्लादेश की नींव रखने के लिए एकजुट हुए हैं.” उन्होंने 24-सूत्रीय एजेंडा घोषित किया और 1972 के संविधान को बदलकर एक नया संविधान लाने की बात कही. उनका कहना था कि नया संविधान देश के युवा वर्ग की आकांक्षाओं को दर्शाएगा.

नए संविधान की मांग, लेकिन विवरण अभी स्पष्ट नहीं
हालांकि, इस प्रस्तावित संविधान के बारे में अभी कोई ठोस जानकारी साझा नहीं की गई है. पार्टी का कहना है कि यह दस्तावेज एक “नई पीढ़ी के सपनों” को प्रतिबिंबित करेगा और जनभागीदारी से तैयार किया जाएगा.

बीएनपी की छात्र शाखा की अलग रैली
इसी दिन बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की छात्र इकाई ने भी ढाका में एक विशाल रैली की. बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष और लंदन में निर्वासित नेता तारिक रहमान ने वर्चुअल माध्यम से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और युवाओं से आगामी चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया.

 हसीना की विदाई की पहली वर्षगांठ से पहले बढ़ी हलचल
ये दोनों रैलियां उस समय हुई हैं जब 5 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने की पहली वर्षगांठ है. 2024 में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों, हिंसा और सैकड़ों मौतों के बाद हसीना भारत चली गई थीं. 8 अगस्त 2024 को नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी थी.

अंतरिम सरकार पर बढ़ रही आलोचना
हालांकि अंतरिम सरकार को भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था संभालने में असफलता और मानवाधिकार हनन के आरोप लगाए हैं. शेख हसीना की पार्टी ‘अवामी लीग’ फिलहाल प्रतिबंधित है और देश की राजनीतिक स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है.



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