- January 4, 2026
‘चीन न कभी बंटा था, न कभी बंटेगा’, ताइवान को लेकर चीनी राजदूत का अमेरिका को क्लीयर मैसेज!
भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने रविवार (4 जनवरी, 2026) को ताइवान को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने ताइवान पर चीन के सख्त रुख को दोहराते हुए कहा कि ताइवान प्राचीन काल से ही चीन का हिस्सा रहा है और इस बात को लेकर कोई विवाद या दूसरी सोच नहीं है. वहीं, उन्होंने कहा कि ताइवान से जुड़े इतिहास और कानूनी तथ्य पूरी तरह से स्पष्ट हैं.
चीन के राजदूत ने रविवार (4 जनवरी, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया. पोस्ट में शू फेइहोंग ने कहा, ‘पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (PRC) की सरकार की स्थापना साल 1949 के अक्टूबर महीने में हुई थी. जिसने रिपब्लिक ऑफ चाइना की सरकार का जगह लेते हुए पूरे चीन का प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र वैध सरकार के रूप में काम संभाला था.’
🔹Taiwan has belonged to China🇨🇳 since antiquity. The history and legal facts are very clear.
🔹The government of the People’s Republic of China (PRC) was founded in October 1949, replacing the government of the Republic of China as the sole legal government representing the… pic.twitter.com/ip6hkuXG8X
— Xu Feihong (@China_Amb_India) January 4, 2026
उन्होंने कहा कि सरकार में बदलाव के बावजूद अंतरराष्ट्रीय कानून के विषय के रूप में चीन की स्थिति नहीं बदली. PRC सरकार स्वाभाविक रूप से पूरे चीन की संप्रभुता की मालिक है और उसका इस्तेमाल करती है, जिसमें ताइवान पर संप्रभुता भी शामिल है.
ताइवान हमेशा से चीन का ही हिस्सा है- चीनी राजदूत
चीनी राजदूत ने कहा, ‘गृहयुद्ध और बाहरी ताकतों के हस्तक्षेप के कारण ताइवान स्ट्रेट के दोनों किनारे लंबे समय से राजनीतिक टकराव की स्थिति में रहे हैं, लेकिन फिर भी चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता में कभी कोई विभाषण नहीं हुआ और न ही कभी होगा. ताइवान से चीन का हिस्सा होने का दर्जा न कभी बदला है और न ही कभी बदल सकता है.’
चीन का एकीकरण होकर रहेगा- फेइहोंग
शू फेइहोंग ने कहा कि ताइवान कभी भी एक आजाद संप्रभु देश नहीं रहा है, न अतीत में, न वर्तमान में और न ही भविष्य में. उन्होंने कहा कि ताइवान के डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (DPP) के अधिकारी चाहे जो कहें या कर लें, चीन को एक होना है और वह एक होकर रहेगा और इस रोका नहीं जा सकता है.