- January 14, 2026
‘हमारे पास कुछ नहीं, फाइल्स ममता बनर्जी ले गईं’, I-PAC रेड मामले में हाईकोर्ट में बोली ED
पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC और उसके को-फाउंडर प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई टालने की मांग की है, जबकि तृणमूल कांग्रेस की वकील ने इसका विरोध किया. इसे लेकर दोनों के बीच बहस हो गई.
प्रवर्तन निदेशालय की ओर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू ने कहा कि ऐसी ही याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है जिस पर सुनवाई जल्द हो सकती है लिहाजा आज इस मामले की सुनवाई टाल दी जाए. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट में जो याचिका दायर की गई है इस तरह की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में भी मामला लंबित है. टीएमसी के वकील ने इसका विरोध किया है. एएसजी एसवी राजू ने हाईकोर्ट में दलील देते हुए कहा कि जांच एजेंसी की तरफ से कोई भी दस्तावेज नहीं जब्त किए गए उल्टा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दस्तावेज लेकर गई हैं, उनको इस मामले में पार्टी बनाना चाहिए.
टीएमसी की वकील मेनका गुरुस्वामी ने कहा, ‘हम सुप्रीम कोर्ट के सामने पक्षकार नहीं हैं. छापे की कार्रवाई हुई थी, हमारी गोपनीयता बनी रहनी चाहिए. हम संवैधानिक लोकतंत्र में रहते हैं. हम चाहते हैं कि हमारा राजनीतिक डेटा सुरक्षित रहे. गोपनीयता का अधिकार है.’
टीएमसी ने कहा कि हमारी यही मांग है कि हमारा राजनीतिक डेटा सुरक्षित रखा जाए, इसे मीडिया में जारी न किया जाए और न ही राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाए. टीएमसी ने हाईकोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट में वह पक्ष नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि तलाशी के समय हमारी निजता का ख्याल रखा जाना चाहिए था और हम एक संवैधानिक लोकतंत्र में रहते हैं, जहां निजता का अधिकार है और हम चाहते हैं कि हमारा पॉलिटिकल डेटा सुरक्षित रहे. उन्होंने कहा कि पॉलिटकल डेटा को मीडिया में रिलीज न किया जाए.
8 जनवरी को I-PAC और प्रतीक जैन के आवास पर ईडी की छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी बड़े अफसरों के साथ पहुंच गई थीं. इसे लेकर ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर भारतीय न्याय संहिता के तहत 17 अपराधों की सीबीआई जांच की मांग की है. याचिका में आरोप लगाया गया कि ममता बनर्जी, बंगाल के डीजीपी और कोलकाता के पुलिस कमिश्नर ने छापे में न सिर्फ बाधा डाली बल्कि अधिकारियों को डरा, धमकाकर सबूतों से भी छेड़छाड़ की.
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