• January 18, 2026

‘दोष सिद्ध होने से पहले हर…’, उमर खालिद की जमानत को लेकर जयपुर में क्या बोले पूर्व CJI

‘दोष सिद्ध होने से पहले हर…’, उमर खालिद की जमानत को लेकर जयपुर में क्या बोले पूर्व CJI
Share

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी. वाई. चंद्रचूड़ ने रविवार (18 जनवरी, 2026) को एक्टिविस्ट उमर खालिद की जमानत खारिज होने को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि दोष सिद्ध होने से पहले हर किसी को जमानत का अधिकार है. उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति तब तक दोषी नहीं होता है, जब तक उसका दोष सिद्ध न हो जाए.

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल हुए पूर्व सीजेआई

दरअसल, पूर्व सीजेआई धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) रविवार (18 जनवरी, 2026) को राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल हुए. जहां उनसे 2020 में हुए दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपी एक्टिविस्ट उमर खालिद की जमानत खारिज होने को लेकर सवाल किया गया.

इस पर पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि दोष सिद्धि से पहले जमानत एक मौलिक अधिकार होना चाहिए. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में अदालत का कर्तव्य है कि वह जमानत देने से पहले मामले की गहनता से जांच करे.

हमारा कानून निर्दोषिता की धारणाओं पर आधारित- डीवाई चंद्रचूड़

उन्होंने कहा, ‘हमारा कानून निर्दोषिता की धारणाओं पर आधारित है. कोई भी व्यक्ति तब तक दोषी नहीं माना जाएगा, जब तक उसकी दोष सिद्ध न हो जाए.’ उन्होंने आगे कहा, ‘अगर कोई व्यक्ति पांच या सात साल तक जेल में रहे और बाद में उसे निर्दोष साबित कर दिया जाए, तो उसके खोए हुए समय की भरपाई कैसे की जाएगी?’

SC ने दिल्ली दंगों के आरोपियों की याचिका पर की थी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों के 7 आरोपियों की जमानत याचिका पर हाल ही में सुनवाई की थी. सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई के बाद 7 में से पांच आरोपियों को जमानत दे दी, जबकि दो आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत को रद्द कर दिया.

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने 5 जनवरी, 2026 को कहा कि संविधान का अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) अहम है, लेकिन यह अधिकार कानूनी प्रावधानों के परे नहीं है.

यह भी पढ़ेंः तेलंगाना की राजनीति में भूचाल, CM रेवंत रेड्डी का BRS पर तीखा हमला, कहा – ‘NTR के नाम पर…’



Source


Share

Related post

रेरा को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी- ‘ आम लोगों को फायदा नहीं, सिर्फ डिफॉल्टर…’

रेरा को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी-…

Share सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट क्षेत्र को नियंत्रित करने के लिए गठित Real Estate Regulatory Authority (RERA)…
Plea in SC for FIR against Assam CM Himanta for hate speech | India News – The Times of India

Plea in SC for FIR against Assam CM…

Share NEW DELHI: Bringing to SC’s notice various instances of Assam CM Himanta Biswa Sarma’s alleged hate speeches,…
SC To Hear Mamata Banerjee’s Plea Against ECI Over Bengal SIR Tomorrow; CM May Appear Personally

SC To Hear Mamata Banerjee’s Plea Against ECI…

Share Last Updated:February 03, 2026, 20:34 IST Mamata Banerjee, who holds a law degree, may choose to personally…