• August 21, 2025

तिब्बत में ब्रह्मपुत्र पर चीन के मेगा डैम प्रोजेक्ट पर भारत सरकार बोली- ‘हम निगरानी कर रहे हैं’

तिब्बत में ब्रह्मपुत्र पर चीन के मेगा डैम प्रोजेक्ट पर भारत सरकार बोली- ‘हम निगरानी कर रहे हैं’
Share

भारत सरकार ने तिब्बत में यारलुंग त्संगपो नदी के निचले हिस्से में चीन द्वारा एक विशाल बांध का निर्माण कार्य शुरू करने संबंधी खबरों का संज्ञान लिया है और यह मुद्दा हाल में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ उनकी भारत यात्रा के दौरान उठाया था.

राज्यसभा में विदेश राज्य मंत्री ने दिया जवाब
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह भी बताया कि यह परियोजना सबसे पहले 1986 में सार्वजनिक हुई थी और तब से चीन में इसके लिए तैयारियां चल रही थीं. यारलुंग त्संगपो नदी भारत में ब्रह्मपुत्र के नाम से जानी जाती है.

विदेश राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि सरकार ब्रह्मपुत्र नदी से संबंधित सभी गतिविधियों की बारीकी से निगरानी करती है, जिनमें चीन द्वारा प्रस्तावित जलविद्युत परियोजनाएं भी शामिल हैं, और नीचे की ओर रहने वाले भारतीय नागरिकों के जीवन और आजीविका की रक्षा के लिए आवश्यक एहतियाती और सुधारात्मक कदम उठाती है.

‘विशेषज्ञ स्तर की प्रणाली’ के तहत होती है भारत-चीन के बीच चर्चा
उन्होंने बताया कि भारत और चीन के बीच 2006 में स्थापित ‘विशेषज्ञ स्तर की प्रणाली’ के तहत सीमा पार नदियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होती है, साथ ही राजनयिक माध्यमों से भी संवाद बनाए रखा जाता है.

सिंह ने कहा, “निचले प्रवाह वाले देश के रूप में भारत के पास सीमा पार नदियों के जल का अधिकार है. सरकार ने हमेशा अपने विचार और चिंताएं चीनी पक्ष को स्पष्ट रूप से अवगत कराई हैं, जिसमें पारदर्शिता, परामर्श और निचले हिस्से के राज्यों के हितों की रक्षा की आवश्यकता शामिल है.”

भारत और चीन के बीच हुआ था समझौता
उन्होंने बताया कि भारत और चीन ने 2002 में यालुजांगबू/ब्रह्मपुत्र नदी पर बाढ़ के मौसम में सूचना साझा करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये थे, जिसे 2008, 2013 और 2018 में रिन्यू किया गया.

इसी प्रकार का एक अन्य समझौता ज्ञापन सतलुज नदी (लांगचेन जांगबो) पर 2005 में हुआ, जिसे 2010 और 2015 में नवीनीकृत किया गया. मंत्री ने बताया कि 2017 में चीन ने ब्रह्मपुत्र और सतलुज दोनों नदियों की जल संबंधी जानकारी साझा नहीं की और जब भारत ने आपत्ति जताई, तो चीन ने तकनीकी कारणों का हवाला दिया.

उन्होंने कहा कि ब्रह्मपुत्र नदी पर समझौता ज्ञापन पांच जून, 2023 को समाप्त हो गया, जबकि सतलुज नदी पर समझौता ज्ञापन पांच नवंबर, 2020 को समाप्त हो गया था. सिंह ने बताया “ब्रह्मपुत्र नदी की जल संबंधी जानकारी जून 2023 से निलंबित है और सतलुज नदी की जानकारी 2022 से प्राप्त नहीं हुई है.”

सीमा पार नदियों पर सहयोग की जरूरत
भारत सरकार ने कई द्विपक्षीय वार्ताओं के दौरान सीमा पार नदियों पर सहयोग की आवश्यकता और चीन द्वारा जल संधी जानकारी फिर से साझा करने की जरूरत को रेखांकित किया है. इनमें जुलाई में विदेश मंत्री जयशंकर की एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए चीन यात्रा (14-16 जुलाई) और 18 अगस्त को चीनी विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा शामिल हैं.

उनसे यह भी पूछा गया कि क्या भारत सरकार अरुणाचल प्रदेश में सियांग नदी पर कोई प्रतिरोधी बांध तैयार करने की योजना बना रही है. इसके जवाब में सिंह ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश की सियांग नदी पर ‘अपर सियांग मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट’ (11,200 मेगावाट) और ‘सियांग लोअर एचई प्रोजेक्ट’ (2,700 मेगावाट) प्रस्तावित परियोजनाएं हैं.



Source


Share

Related post

‘Nitin Nabin is my boss’: PM Modi congratulates new BJP chief; calls himself a ‘party worker’ | India News – The Times of India

‘Nitin Nabin is my boss’: PM Modi congratulates…

Share Prime Minister Narendra Modi NEW DELHI: “When it is about the party, Nitin Nabin is my boss,”…
भारत अब बन सकता है UNSC का स्थाई सदस्य! संयुक्त राष्ट्र चीफ ने की बदलाव की बात

भारत अब बन सकता है UNSC का स्थाई…

Share Show Quick Read Key points generated by AI, verified by newsroom संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस…
Operation Trashi-I: Gunfight breaks out in J&K’s Kishtwar; 8 Army personnel injured | India News – The Times of India

Operation Trashi-I: Gunfight breaks out in J&K’s Kishtwar;…

Share Security operations following an exchange of fires between security forces and terrorists. (ANI) NEW DELHI: Eight Army…