- January 8, 2026
अमेरिका की धमकी पर गुस्से में ईरान के आर्मी चीफ हतामी, चेतावनी देते हुए बोले- ‘हाथ काट देंगे’
ईरान के आर्मी चीफ मेजर जनरल अमीर हतामी ने 7 जनवरी 2026 को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि कोई भी विदेशी ताकत ईरान को धमकी नहीं दे सकती और अगर कोई हमला करता है तो उसका ‘हाथ काट दिया जाएगा.’
ट्रंप की धमकी पर बौखलाया ईरान
ईरान का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के जवाब में आया है. ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान में विरोध प्रदर्शन करने वालों पर हिंसा की गई या उन्हें मार दिया गया तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा. ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में लिखा, ‘अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को गोली मारकर या हिंसक तरीके से मारता है, तो अमेरिका उन्हें बचाने आएगा. हम तैयार हैं और लोडेड हैं.’
अमेरिका ने खामेनेई को जान से मारने की धमकी दी
अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को खुली धमकी दी. उन्होंने ईरान से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई रोकने को कहा है. ईरान के शीर्ष धार्मिक नेतृत्व को संबोधित करते हुए सीनेटर ग्राहम ने कहा कि अगर आप उन लोगों को मारते रहेंगे जो बेहतर जिंदगी की मांग कर रहे हैं तो डोनाल्ड ट्रंप आपको मार देंगे. उन्होंने आगे कहा कि तेहरान के नेताओं को ट्रंप को बहुत ही गंभीरता से लेना चाहिए.
ईरान सरकार के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन
ईरान में पिछले कई दिनों से बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ये विरोध महंगाई, रियाल (ईरानी मुद्रा) के गिरने और आर्थिक संकट के खिलाफ शुरू हुए. प्रदर्शन तेहरान से शुरू होकर पूरे देश में फैल गए हैं. एक शहर फासा में प्रदर्शनकारियों ने गवर्नर के दफ्तर में घुसकर आग लगाई और पत्थर फेंके. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की और कहा कि टैक्स बढ़ाने की योजना पर विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि बदलाव की मांग जायज है.
इजराइल ने ईरान में प्रदर्शन का समर्थन किया
इसके अलावा, अमेरिका और इजरायल ने इन विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वे ईरानी लोगों की आजादी और न्याय की लड़ाई से जुड़े हैं. उन्होंने कहा कि शायद अब ईरानी लोग अपना भविष्य खुद तय कर रहे हैं.
युद्ध के ईरान पहले से ज्यादा तैयार
जनरल अमीर हतामी ने ईरान की आर्मी कमांड और स्टाफ यूनिवर्सिटी के छात्रों से बात करते हुए कहा, ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान दुश्मनों की बढ़ती हुई धमकी भरी बातों को खतरा मानता है और इसे बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगा.’
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की सेना अब जून 2025 में इजराइल के साथ 12 दिनों के युद्ध से पहले से कहीं ज्यादा तैयार है. अगर दुश्मन कोई गलती करता है तो जवाब और भी सख्त होगा.
ईरान के सीनियर पॉलिटिशियन अली लारिजानी (सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख) ने X पर लिखा, ‘अमेरिका को अपने सैनिकों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए.’
पिछले साल अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर किया था हमला
यह तनाव जून 2025 में अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद और बढ़ गया है, जिसमें ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को निशाना बनाया गया था. ईरान इसे अपनी संप्रभुता पर हमला मानता है. ईरान की तरफ से यह साफ चेतावनी है कि वह किसी भी बाहरी हस्तक्षेप या धमकी को बर्दाश्त नहीं करेगा. स्थिति अभी तनावपूर्ण बनी हुई है और दोनों तरफ से बयानबाजी जारी है.