- February 6, 2026
मलेशिया की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे PM मोदी, ट्रेड और डिफेंस समेत इन मुद्दों पर होगी बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (7 फरवरी, 2026) को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर मलेशिया रवाना हो रहे हैं. यह दौरा भारत-मलेशिया के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है. इस यात्रा के दौरान व्यापार, रक्षा, रणनीतिक सहयोग, शिक्षा, संस्कृति और जन-संपर्क से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बातचीत होगी.
भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक और सामाजिक-सांस्कृतिक संबंध बेहद मजबूत रहे हैं. मलेशिया में करीब 29 लाख की भारतीय प्रवासी आबादी दोनों देशों के रिश्तों को एक मजबूत आधार देती है. मलेशिया, आसियान और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत का एक अहम साझेदार है और भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ का एक प्रमुख स्तंभ भी है.
कुआलालंपुर के ब्रिकफील्ड्स इलाके में स्थित तोरण द्वार भारत और मलेशिया की दोस्ती का प्रतीक है, जिसका उद्घाटन 23 नवंबर, 2015 को दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त रूप से किया था. भारत और मलेशिया के राजनयिक संबंधों की शुरुआत 1957 में हुई थी. 2015 में दोनों देशों के संबंधों को ‘उन्नत रणनीतिक साझेदारी’ और 2024 में ‘समग्र रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया गया, जिससे द्विपक्षीय रिश्तों को नई ऊंचाई मिली.
दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच लगातार बना है संवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच लगातार संवाद बना हुआ है. दोनों नेताओं की मुलाकात ब्राजील में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, कुआलालंपुर में आसियान-भारत समिट और फोन वार्ताओं के जरिए होती रही है.
मोदी ने 6 जुलाई, 2025 को ब्राजील के रियो डी जनेरियो में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से भेंट की थी. प्रधानमंत्री मोदी ने 26 अक्टूबर, 2025 को कुआलालंपुर में आयोजित 22वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में वर्चुअल माध्यम से भाग लिया. दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच 22 अक्टूबर, 2025 को टेलीफोन पर भी बातचीत हुई.
भारत के शीर्ष नेताओं ने भी की मलेशिया की यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी ने नवंबर 2015 में मलेशिया की आधिकारिक यात्रा की थी और 2018 में कुआलालंपुर में संक्षिप्त ठहराव किया था. प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम अगस्त 2024 में पांच कैबिनेट मंत्रियों के साथ भारत की राजकीय यात्रा पर आए थे.
साल 2022 से दोनों देशों के बीच उच्चतम स्तर पर नियमित राजनीतिक संवाद हो रहा है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई केंद्रीय मंत्रियों की मलेशिया यात्राएं इसी निरंतर संपर्क को दर्शाती हैं.
रक्षा और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में भारत और मलेशिया के संबंध
रक्षा सहयोग के क्षेत्र में भारत और मलेशिया के संबंध लगातार मजबूत हुए हैं. सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास और रक्षा उद्योग सहयोग के साथ-साथ कुआलालंपुर में HAL का क्षेत्रीय कार्यालय दोनों देशों के रक्षा संबंधों को नई मजबूती देता है.
आर्थिक मोर्चे पर भारत और मलेशिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2024-25 में करीब 19.85 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है. मलेशिया, आसियान में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जबकि भारत मलेशिया के शीर्ष 10 साझेदारों में शामिल है. 1 अप्रैल, 2023 से दोनों देशों के बीच व्यापार का निपटान भारतीय रुपये में भी किया जा सकता है.
दोनों देशों ने एक-दूसरे के लिए वीजा नियमों में दी है ढील
जन-संपर्क को और बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों ने वीजा नियमों में ढील दी है. दिसंबर 2023 से मलेशिया ने भारतीय नागरिकों के लिए वीजा फ्री एंट्री की सुविधा दी, जबकि जुलाई 2024 से भारत ने मलेशियाई नागरिकों के लिए निःशुल्क टूरिस्ट वीजा शुरू किया, जो दिसंबर 2026 तक मान्य है. 2025 में लगभग 14 लाख भारतीय पर्यटक मलेशिया पहुंचे, जबकि करीब 3 लाख मलेशियाई पर्यटक भारत आए.
भारत-मलेशिया के संबंधों की नई दिशा होगी PM मोदी का यात्रा
शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने के लिए मलेशिया में आयुर्वेद चेयर और कुआलालंपुर स्थित यूनिवर्सिटी मलाया में तिरुवल्लुवर चेयर की स्थापना की गई है, जिससे सांस्कृतिक और अकादमिक रिश्तों को मजबूती मिली है. कुल मिलाकर प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारत-मलेशिया संबंधों को रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्तर पर नई दिशा देने वाली मानी जा रही है.
यह भी पढ़ेंः राहुल गांधी ने GIG वर्कर्स से की मुलाकात, कहा- कांग्रेस शासित राज्यों में जल्द लागू होगा कानून