- January 8, 2025
आशीर्वाद और DMI फाइनेंस को बड़ी राहत, रिजर्व बैंक ने हटाई इन पर लगी रोक
<p style="text-align: justify;"><strong>Reserve Bank of India:</strong> भारतीय रिजर्व बैंक ने दो माइक्रोफाइनेंस बैंक आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड और DMI फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड को बड़ी राहत देते हुए लोन देने से इन पर लगाए गए प्रतिबंध को हटा दिया है. 8 जनवरी को जारी सर्कुलर में यह जानकारी दी गई.</p>
<p style="text-align: justify;">बीते साल अक्टूबर के महीने में आरबीआई ने आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड, आरोहण फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड, DMI फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड, नवी फिनसर्व लिमिटेड पर सख्त कार्रवाई करते हुए नए लोन की मंजूरी और इनके वितरण पर रोक लगा दी थी. यह कार्रवाई लोन लेने वालों से अधिक ब्याज वसूलने के लिए की गई थी. </p>
<p style="text-align: justify;">उस दौरान एनबीएफसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बारे में आरबीआई ने कहा, ”यह फैसला आरबीआई की जांच के आधार पर लिया जा रहा है, जिसमें पाया गया कि इन कंपनियों की औसत उधारी दर (WALR) और उनके फंड्स की लागत पर वसूला जाने वाला ब्याज काफी अधिक पाया है, जो रेगुलेशन का उल्लंघन है.” </p>
<h3 style="text-align: justify;">कंपनियों ने किया रेगुलेशन फॉलो करने का वादा</h3>
<p style="text-align: justify;">अब 8 जनवरी को एक प्रेस स्टेटमेंट जारी करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा, कंपनियों ने जमा कराए गए अपने दस्तावेजों में नियमों का पालन करने, उचित सुधार करने, खासकर उचित ब्याज पर लोन देने की बात सुनिश्चित की है इसलिए रिजर्व बैंक ने आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड और डीएमआई फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड दोनों पर लोन की मंजूरी और डिस्ट्रीब्यूशन पर लगी रोक को तत्काल प्रभाव से हटाने का फैसला लिया है. </p>
<h3 style="text-align: justify;">आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस में मणप्पुरम फाइनेंस की बड़ी हिस्सेदारी</h3>
<p style="text-align: justify;">बता दें कि देश की प्रमुख लिस्टेड नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (nbfc) में शामिल आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस में मणप्पुरम फाइनेंस की 95 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि बाकी 5 प्रतिशत की हिस्सेदारी आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस के फाउंडर के पास है.</p>
<p style="text-align: justify;">अक्टूबर में आए आरबीआई के फैसले के बाद सेबी ने मणप्पुरम की सब्सिडियरी कंपनी आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस को झटका देते हुए इसके आईपीओ को होल्ड पर डाल दिया. कंपनी का लक्ष्य इस आईपीओ के जरिए 1500 करोड़ रुपये जुटाने का था. इसके लिए कंपनी ने अक्टूबर, 2023 में सेबी के पास शुरुआती कागजात भी जमा कराए थे. मणप्पुरम फाइनेंस ने 2015 में आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस की 71 परसेंट हिस्सेदारी ली थी और बाद में जून, 2022 में इसे बढ़ाकर 95 परसेंट कर दिया गया. </p>
<h3 style="text-align: justify;">इन पर से पहले ही हटा दिए गए प्रतिबंध</h3>
<p style="text-align: justify;">बता दें कि आरोहण फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड और नवी फिनसर्व पर लगाए गए प्रतिबंध को आरबीआई ने क्रमशः दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 में पहले ही हटा दिया है. </p>
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