• February 9, 2024

यूपीआई के बाद क्रेडिट स्कोर लॉन्च करने की तैयारी में एनपीसीआई, आम लोगों को ऐसे मिलेगी मदद

यूपीआई के बाद क्रेडिट स्कोर लॉन्च करने की तैयारी में एनपीसीआई, आम लोगों को ऐसे मिलेगी मदद
Share

एनपीसीआई यानी भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम यूपीआई के बाद आम लोगों को एक और शानदार तोहफा देने की तैयारी में है. भुगतान निगम अपना क्रेडिट स्कोर लाने की योजना बना रहा है, जिसके लिए जल्दी ही परीक्षण की शुरुआत की जा सकती है. एनपीसीआई की एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है.

एनपीसीआई ने तय किया ये लक्ष्य

बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट में एनपीसीआई की मुख्य परिचालन अधिकारी प्रवीणा राय के हवाले से बताया गया है कि क्रेडिट स्कोरिंग सिस्टम की जल्द शुरुआत हो सकती है. इसके लिए एनपीसीआई ने डिजिटल पेमेंट स्कोर लाने की योजना तैयार की है. उन्होंने बताया कि एनपीसीआई के डिजिटल पेमेंट स्कोर का लक्ष्य देश के क्रेडिट स्कोरिंग प्रणाली को बेहतर बनाना है.

जल्द शुरू होने वाला है प्रयोग

एनपीसीआई अपने क्रेडिट स्कोर की शुरुआत से पहले यह देखना चाहता है कि क्या भारत में एक ऐसा डिजिटल पेमेंट स्कोर बनाने का अवसर है, जो क्रेडिट स्कोर तय करने की प्रक्रिया का हिस्सा बन सके. इसके लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया निकट भविष्य में कुछ बैंकों के साथ मिलकर इसका प्रयोग शुरू करने जा रहा है. ये देखने के बाद कि डिजिटल पेमेंट स्कोर किस तरह से काम करता है, एनपीसीआई आगे का फैसला करेगा.

लोगों क्रेडिट हिस्ट्री की कम जानकारी

एनपीसीआई की सीओओ का मानना है कि भारत में क्रेडिट स्कोरिंग अभी सोफिस्टिकेशन के उस स्तर से मीलों पीछे हैं, जिस स्तर पर कई विकसित देशों में क्रेडिट स्कोरिंग पहले से है. देश में अभी लोगों को क्रेडिट स्कोर के बारे में जानकारी काफी कम है. इससे लोगों को कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ जाता है. उन्होंने अमेरिका का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह से स्टूडेंट लाइफ से ही लोग क्रेडिट स्कोर/हिस्ट्री बनाने पर ध्यान देने लग जाते हैं और जरूरत नहीं होने पर भी क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं.

क्यों जरूरी है क्रेडिट स्कोर/हिस्ट्री

क्रेडिट स्कोर हर उस व्यक्ति के लिए जरूरी हो जाता है, जो बैंक या एनबीएफसी आदि से कोई लोन लेना चाहता हो. आपको घर खरीदने के लिए होम लोन चाहिए या नई कार खरीदने के लिए कार लोन, बिना क्रेडिट स्कोर या क्रेडिट हिस्ट्री के लोन मिल पाना काफी मुश्किल हो जाता है. क्रेडिट हिस्ट्री बनाने के लिए क्रेडिट कार्ड या कोई लोन जरूरी हो जाता है. उसके बाद ही लोगों की क्रेडिट प्रोफाइल तैयार होती है.

ये भी पढ़ें: पेटीएम करने वाली है नई डील, इस ई-कॉमर्स स्टार्टअप को खरीदने की तैयारी



Source


Share

Related post

धोखे का खेल खत्म! आपको ऐसे गुमराह कर रहे हैं बीमा पोर्टल्स, IRDAI ने कसी नकेल

धोखे का खेल खत्म! आपको ऐसे गुमराह कर…

Share ऑनलाइन इंश्योरेंस खरीदना काफी आसान डिसीजन होता है, इसमें आप प्लान को कम्पेयर कर सकते हैं, ऐसा…
Toll plazas to go cashless from April 10; cash payments to be completely scrapped – The Times of India

Toll plazas to go cashless from April 10;…

Share Cash payments at toll plazas across national highways will be discontinued from April 10, according to a…
The Real Difference Between Loan Closure And Settlement That Banks Don’t Explain

The Real Difference Between Loan Closure And Settlement…

Share Last Updated:October 31, 2025, 11:03 IST During repayment, two terms often confuse borrowers — loan closure and…