• June 27, 2024

सेबी ने स्टॉक्स को लेकर एडवाइस देने वाले फाइनेंशियल इनफ्लूएंसर्स पर कसा शिकंजा

सेबी ने स्टॉक्स को लेकर एडवाइस देने वाले फाइनेंशियल इनफ्लूएंसर्स पर कसा शिकंजा
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SEBI Update: शेयर बाजार के रेग्यूलेटर सेबी ने फाइनेंशियल इनफ्लूएंसर्स पर शिंकजा कसने के लिए बड़ा फैसला किया है. सेबी बोर्ड ने गैर-रजिस्टर्ड फाइनेंशियल फ्लूएंसर (Financial Fluencers) को रेग्यूलेट करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. सेबी ने रेग्यूलेटेड व्यक्ति यानि ब्रोकर्स और उनके एजेंट्स के फाइनेंशियल इनफ्लूएंसर्स के साथ किसी भी प्रकार के डील करने पर प्रतिबंध लगा दिया है.    

सेबी के चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने प्रेस कॉंफ्रेंस में इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा, जिन लोगों को हम रेग्यूलेट नहीं करते उनपर हमारा नियंत्रण नहीं है. उन्होंने कहा कि रेग्यूलेटेड एनटिटी का अन-रजिस्टर्ड एनटिटी के साथ कोई एसोसिएशन नहीं हो सकता है और अगर ऐसा करते हैं तो वे कानून को तोड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि रेग्यूलेटेड एडवाइजर और अनरजिस्टर्ड एनटिटी में अंतर समझने के लिए हमने सुरक्षित स्पेस तैयार किया है. और निवेशकों को पता है कि वो रजिस्टर्ड इकाईयों के साथ डील कर रहे हैं.  

हाल के दिनों में फाइनेंशियल इंफ्लूएंसर्स को लेकर सेबी की चिंता बढ़ गई थी. ऐसे लोगों की ओर से निवेशकों को पक्षपात वाले या भ्रमित करने वाले एडवाइस देने का जोखिम बढ़ता जा रहा है था और इसे लेकर सेबी के पास कई शिकायतें भी आई थी. ऐसे फाइनेंशियल इनफ्लूएंसर्स कमीशन-बेस्ड मॉडल पर काम करते हैं. यही वजह है कि सेबी ने फाइनेंशियल इनफ्लूएंसर्स को रेग्यूलेट करने का फैसला लिया है. 

फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडिंग को लेकर बढ़ती चिंताओं पर सेबी चीफ माधबी पुरी बुच ने कहा, कैपिटल मार्केट इकोसिस्टम में सिस्टमैटिक रिस्क बना रहता है. हम सोचते हैं कि इसमें प्रोटेक्शन है लेकिन इसमें हमेशा सुधार की गुंजाइश होती है. उन्होंने निवेशकों के प्रोटेक्शन को लेकर कहा, हम हमेशा ये बताते रहते हैं कि 10 में से 9 निवेशक फ्यूचर एंड ऑप्शन में पैसा गंवा देते हैं. उन्होंने कहा कि ये ट्रेंड देखने को मिल रहा है कि एक्सपाइरी वाले दिन वीकली ऑप्शंस पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है जो कि स्पेक्यूलेटिव बेट है जिसमें कोई हेजिंग नहीं है. 

सेबी चीफ ने कहा, हमें सुनने में आया है कि लोग उधार लेकर वायदा कारोबार में पैसा लगा रहे हैं. साथ ही परिवारों की बड़ी सेविंग का हिस्सा नॉन-प्रोडक्टिव इकोनॉमिक एक्टिविटी में जा रहा है. उन्होंने बताया कि डेरिवेटिव सेगमेंट का टर्नओवर 2018 में 210 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2024 में 500 लाख करोड़ रुपये पर जा पहुंचा है जिसमें इंडिविजुअल निवेशक का शेयर 2 फीसदी बढ़कर 41 फीसदी हो गया है.  

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