- February 5, 2026
‘बुली करना बंद करें, ट्रंप के हटने का…’ अजीत डोभाल ने रूबियो को दिया था मैसेज
India-US Trade Deal: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगी भारत-अमेरिका ट्रेड डील को अपनी बड़ी जीत के रूप में पेश कर रहे हैं, लेकिन एक नई रिपोर्ट ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक, मोदी सरकार ने वाशिंगटन को साफ कह दिया कि वह ट्रंप के पूरे राष्ट्रपति कार्यकाल तक ट्रेड डील पर समझौता करने के लिए इंतजार करने को तैयार है.
भारत ने रखा स्पष्ट रुख
ब्लूमबर्ग ने सबसे पहले इस सितंबर 2025 में हुई मीटिंग की खबर दी, जिसमें भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो के बीच बातचीत हुई थी. इस मीटिंग में भारत ने अपनी सख्त स्थिति बताई. मीटिंग उस समय हुई जब ट्रंप प्रशासन नरेंद्र मोदी सरकार पर लगातार हमला कर रहा था और अमेरिकी उत्पादों पर 50% की ऊंची टैरिफ लागू कर रखी थी. ये टैरिफ दुनिया में सबसे ज्यादा में से एक थे.
ट्रंप ने था डील का किया ऐलान
रिपोर्ट के मुताबिक, अजीत डोभाल ने रुबियो से कहा, ‘भारत को ट्रंप या उनके सहयोगियों से डराया नहीं जा सकता और भारत उनके पूरे राष्ट्रपति कार्यकाल का इंतजार करने को तैयार है क्योंकि भारत पहले भी ऐसे कठिन अमेरिकी प्रशासन का सामना कर चुका है.’ ब्लूमबर्ग ने यह जानकारी नई दिल्ली के कुछ अधिकारियों से ली, जो इस मीटिंग के बारे में जानते थे. अधिकारियों ने अपनी पहचान छुपाने की शर्त पर यह जानकारी दी. भारत का विदेश मंत्रालय और अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट इस मीटिंग पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं.
सार्वजनिक आलोचना कम करने की भी थी अपील
मीटिंग में अजीत डोभाल ने रुबियो से कहा कि नई दिल्ली चाहती है कि ट्रंप और उनके सहयोगी भारत के खिलाफ सार्वजनिक आलोचना कम करें ताकि दोनों देशों के रिश्ते पटरी पर लौट सकें. मीटिंग के बाद ट्रंप और उनके सहयोगियों की भाषा थोड़ी नरम हुई. राष्ट्रपति ट्रंप ने सितंबर में पीएम मोदी को उनके जन्मदिन पर फोन कर बधाई भी दी.
ट्रंप के सहयोगियों ने की तीखी टिप्पणियां
पहले ट्रंप और उनके सहयोगी जैसे पीटर नवारो ने पीएम मोदी को भारत-पाकिस्तान संघर्ष पर झूठा दावा करने के लिए सीधे निशाना बनाया था. नवारो ने कहा था कि भारत तानाशाहों के साथ हो रहा है और रूस-यूक्रेन युद्ध को मोदी का युद्ध बता दिया था क्योंकि भारत ने रूसी तेल खरीद रहा था. इसके अलावा नवारो ने मोदी की संस्कृति पर भी हमला किया और उनके ध्यान लगाते हुए एक फोटो को लेकर आपत्ति जताई थी, जिसमें मोदी भगवा कपड़े पहनकर लाल तिलक और थिरूनेरू (विभूति) लगाए हुए थे.
भारत ने ट्रंप के दावों को खारिज किया
मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन चले युद्ध के दौरान जो सीजफायर हुई थी, उसका दावा ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर किया था, लेकिन भारत ने इसे खारिज कर दिया. इसके बाद भारत-यूएस रिश्ते जो पहले अच्छे चल रहे थे, अचानक खराब हो गए. इसके बाद ट्रंप ने रविवार को बिना किसी औपचारिक प्रक्रिया के अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील के पूरा होने की घोषणा कर दी और कहा कि उन्होंने पीएम मोदी से बात की.
पीएम मोदी ने इस बातचीत की पुष्टि तो की, लेकिन ट्रेड डील के बारे में कोई पोस्ट नहीं किया. भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि दोनों देशों ने ट्रेड डील को ‘अंतिम रूप’ देने में कामयाबी पाई है. ट्रेड डील पर बातचीत फरवरी 2025 से चल रही थी.
विपक्ष उठा रहा है सवाल
ट्रंप ने एकतरफा रूप से ट्रेड डील की घोषणा कर दी और मोदी सरकार को भारत में सवालों और आलोचनाओं के लिए छोड़ दिया. डील के विवरण नहीं होने की वजह से विपक्ष और आलोचक इसका विरोध कर रहे हैं. विपक्ष का कहना है कि अमेरिका ने तेल और कृषि उत्पादों पर अपनी शर्तें मानने के लिए भारत पर दबाव डाला. ऐसे में सरकार न तो कुछ साफ कह सकती है, न ही खारिज. लेकिन अजीत डोभाल की रुबियो से यह बात कि भारत ट्रंप के पूरे कार्यकाल का इंतजार करने को तैयार है, यह दिखाती है कि मोदी सरकार ने कोई ऐसी शर्त नहीं मानी जो भारत के लिए सही नहीं थी.
क्या है इंतजार का मतलब?
अमेरिकी राष्ट्रपति का कार्यकाल चार साल का होता है और कोई व्यक्ति केवल दो कार्यकाल तक राष्ट्रपति बन सकता है. ट्रंप जनवरी 2025 में राष्ट्रपति बने. इसका मतलब है कि भारत को ट्रेड डील के लिए 2029 तक इंतजार करना पड़ सकता था.