• February 5, 2026

भारत चीन को करेगा रिप्लेस, अमेरिका ने दी एक और गुड न्यूज, पानी की तरह डॉलर बहाएंगे ट्रंप

भारत चीन को करेगा रिप्लेस, अमेरिका ने दी एक और गुड न्यूज, पानी की तरह डॉलर बहाएंगे ट्रंप
Share

दुनिया की ताकत अब सिर्फ तेल से नहीं, बल्कि क्रिटिकल मिनरल्स से तय होगी. इस दिशा में एक बड़ा बदलाव सामने आया है. अमेरिका ने भारत समेत 54 देशों के साथ मिलकर एक नया अंतरराष्ट्रीय खनिज समूह बनाने की शुरुआत की है. इसका मकसद चीन की उस पकड़ को तोड़ना है, जो फिलहाल रेयर अर्थ और जरूरी खनिजों की सप्लाई पर लगभग 90 प्रतिशत तक काबिज है.

यह ऐलान वाशिंगटन में आयोजित 2026 क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल बैठक में किया गया. इस बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट शामिल हुए. भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मौजूदगी ने साफ कर दिया कि भारत इस नए खनिज गठबंधन का एक अहम केंद्र बनने जा रहा है.

अमेरिका करेगा 30 अरब डॉलर का निवेश 

इस पहल के तहत दो बड़े मंच बनाए गए हैं. पहला है FORGE, जो पहले के मिनरल्स सिक्योरिटी पार्टनरशिप की जगह लेगा. इसका उद्देश्य खनिजों की कीमत और सप्लाई को सुरक्षित और स्थिर बनाना है. फिलहाल इसकी जिम्मेदारी दक्षिण कोरिया को दी गई है. दूसरा मंच है Pax Silica, जो सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-टेक उद्योगों के लिए जरूरी खनिजों की सप्लाई को चीन से हटाकर भरोसेमंद देशों तक पहुंचाने पर काम करेगा. इसमें भारत को एक मजबूत स्तंभ माना गया है.

भारत के पास क्या है बड़ा मौका?

भारत के लिए यह एक बड़ा मौका है. अब भारत सिर्फ खनिज खरीदने वाला देश नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें साफ करने और प्रोसेस करने का वैश्विक केंद्र बनेगा. अमेरिका ने साफ कहा है कि वह चीन की जगह भारत जैसे भरोसेमंद साझेदारों में खनिज खनन और रिफाइनिंग के लिए करीब 30 अरब डॉलर का निवेश करेगा.

अमेरिका ने घटाया टैरिफ

इसके पहले अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैक्स 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया. इससे भारत में बनी बैटरियों, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर से जुड़े उत्पादों का निर्यात तेजी से बढ़ेगा. इसके अलावा अमेरिका ने Project Vault की घोषणा की है, जिसके तहत एक रणनीतिक खनिज भंडार बनाया जाएगा ताकि किसी आपात स्थिति में फैक्ट्रियों का काम न रुके. विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में वही देश सुपरपावर होगा, जिसके पास लिथियम, कोबाल्ट और रेयर अर्थ जैसे खनिजों पर मजबूत पकड़ होगी.



Source


Share

Related post

Silk Route Back In Business: After 6 Years, India Reopens Historic Shipki La Trade Corridor With China

Silk Route Back In Business: After 6 Years,…

Share Last Updated:August 01, 2026, 20:38 IST The restoration of frontier commerce sets a constructive backdrop for ongoing…
चीन ने तरेरी आंख, US को दी जवाबी कार्रवाई की धमकी, जानें पूरा मामला

चीन ने तरेरी आंख, US को दी जवाबी…

Share चीन ने अमेरिका को सीधी धमकी दी है कि अगर उसकी AI कंपनियों पर यूएस में प्रतिबंध…
‘बेहतर संबंध चाहते हो तो…’, अमेरिकी चुनाव में सेंधमारी वाले आरोप पर भड़का चीन

‘बेहतर संबंध चाहते हो तो…’, अमेरिकी चुनाव में…

Share राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर अमेरिकी चुनाव में दखल देने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान…