• November 27, 2025

किस देश में हुआ तख्तापलट! सेना ने अपने हाथ में लिया कंट्रोल , सीमाएं बंद राष्ट्रपति लापता

किस देश में हुआ तख्तापलट! सेना ने अपने हाथ में लिया कंट्रोल , सीमाएं बंद राष्ट्रपति लापता
Share


पश्चिम अफ्रीका के छोटे देश गिनी-बिसाऊ में बुधवार (26 नवंबर 2025) को एक बार फिर हालात बिगड़ गए. राजधानी बिसाऊ में दोपहर अचानक तेज गोलीबारी की आवाजों से अफरा-तफरी मच गई और इसके कुछ समय बाद सेना ने घोषणा कर दी कि उसने पूरे देश की कमान अपने हाथ में ले ली है. सेना के मुताबिक चुनाव संबंधी सभी प्रक्रियाएं तुरंत रोक दी गई है और देश की सभी अंतरराष्ट्रीय सीमाएंं बंद कर दी गई हैं. इस तरह से गिनी-बिसाऊ में सैन्य तख्तापलट हो गया.

गिनी-बिसाऊ में राष्ट्रपति भवन के आसपास अचानक गोलियों की आवाज सुनाई देने लगी. शहर के मुख्य इलाकों में सैनिकों को तैनात कर दिया गया और सड़कों पर बड़े-बड़े बैरिकेड लगा दिए गए. कई लोग डर की वजह से राजधानी छोड़ने लगे. पत्रकारों का कहना है कि राष्ट्रपति परिसर का पूरा इलाका सेना की घेराबंदी में है और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं.

राष्ट्रपति एम्बालो कहां हैं?

सबसे बड़ी चिंता यह है कि मौजूदा राष्ट्रपति उमरो सिस्सोको एम्बालो का कोई पता नहीं चल पा रहा है. सेना के सत्ता संभालने के घंटों बाद भी यह स्पष्ट नहीं हो सका कि वे सुरक्षित हैं या नहीं. इस वजह से  देश में और भी ज्यादा अशांति पैदा हो चुकी है और लोग यह समझ नहीं पा रहे कि देश की राजनीतिक स्थिति अब किस दिशा में जाएगी.

चुनाव के नतीजे आने से पहले ही टकराव

तख्तापलट से कुछ ही दिन पहले देश में राष्ट्रपति और संसद के चुनाव हुए थे. आधिकारिक नतीजे गुरुवार (27 नवंबर 2025) को आने थे, लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी अलग-अलग जीत का दावा कर दिया था. यह वही स्थिति है, जो 2019 के चुनाव में भी देखने को मिली थी, जब परिणाम को लेकर महीनों विवाद पैदा हो गया था. चुनावी प्रक्रिया इस बार शुरू से विवादों में रही.

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य विपक्षी पार्टी PAIGC को चुनाव लड़ने से रोक दिया, जिस पर विपक्ष ने इसे राजनीतिक दबाव बताया. राष्ट्रपति एम्बालो का कार्यकाल फरवरी में समाप्त हो गया था, लेकिन उन्होंने पद छोड़ने से इनकार कर दिया था. इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर पहले से ही गंभीर सवाल उठ चुके थे.

गिनी-बिसाऊ की पुरानी समस्या

यह पहली बार नहीं है जब गिनी-बिसाऊ में सेना ने सत्ता संभाली है. देश ने 1974 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद कई बार राजनीतिक उथल-पुथल देखी है. चार बार सफल तख्तापलट और कई बार असफल कोशिशें इस बात की गवाही देती हैं कि यहां राजनीतिक ढांचा बेहद कमजोर है. भ्रष्टाचार, गरीबी, संगठित अपराध और ड्रग तस्करी जैसे कारण लगातार अस्थिरता को जन्म देते रहे हैं.

ये भी पढ़ें: हांगकांग के कई रिहायशी टॉवरों में भीषण आग, 44 लोगों की मौत, 300 लोग लापता



Source


Share

Related post

‘No shortage of energy in India’: Union minister Hardeep Singh Puri amid supply concerns due to US-Iran war | India News – The Times of India

‘No shortage of energy in India’: Union minister…

Share Photo credit: X/ @HardeepSPuri NEW DELHI: Union minister for petroleum and natural gas, Hardeep Singh Puri, on…
India’s ‘moist heatwaves’ getting worse, says study | India News – The Times of India

India’s ‘moist heatwaves’ getting worse, says study |…

Share PUNE: India’s summer heatwaves – the humid, suffocating kind that impact more than dry heat – are…
Census 2027: Amit Shah unveils mascots ‘Pragati’ and ‘Vikas’; what’s new this time | India News – The Times of India

Census 2027: Amit Shah unveils mascots ‘Pragati’ and…

Share NEW DELHI: Union home minister Amit Shah on Thursday soft-launched four digital tools and unveiled the mascots…