• November 27, 2025

क्या दुबई हादसे के बाद अब अर्मेनिया भारत से नहीं खरीदेगा तेजस?

क्या दुबई हादसे के बाद अब अर्मेनिया भारत से नहीं खरीदेगा तेजस?
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Tejas Fighter Jet: दुबई के अल-मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एयरशो के दौरान भारत का लड़ाकू विमान तेजस Mk-1A सुपरसोनिक फाइटर जेट हादसे का शिकार हो गया. इससे विमान के पायलट को आई गंभीर चोटों के चलते उनकी मौत हो गई. विमान क्रैश होने की इस घटना के बाद अर्मेनियाई सरकार ने भारत से तेजस फाइटर जेट खरीदने के बारे में अपनी बातचीत रोक दी है.

इजरायली मीडिया येरूशलम पोस्ट के मुताबिक,  21 नवंबर, 2025 को विमान क्रैश होने की घटना के बाद यह फैसला लिया गया. हालांकि, इस पर अर्मेनिया की सरकार की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

फाइनल होने के करीब थी डील!

बता दें कि अर्मेनिया की भारत और एयरक्राफ्ट बनाने वाली कंपनी HAL (Hindustan Aeronautics Limited) के साथ 1.2 बिलियन डॉलर (10 हजार करोड़) में 12 तेजस एयरक्राफ्ट खरीदने को लेकर बातचीत चल रही थी. यह डील लास्ट में थी. इसके फाइनल होते ही यह तेजस के लिए पहला एक्सपोर्ट ऑर्डर होता.

तेजस का सफर 1982 में शुरू हुआ था, जब भारत सरकार ने MiG-21 विमानों को बदलने के लिए लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट प्रोजेक्ट को शुरू किया था. इसका ही आधिकारिक नाम 1990 में ‘तेजस’ रखा गया. प्रोडक्शन के पहले चरण से लेकर अब तक भारतीय वायु सेना को सिर्फ 40 ही तेजस मिले हैं. 

तेजस को क्या बनाता है खास?

तेजस भारत के फाइटर फ्लीट में सबसे अलग है, जिसमें सुखोई Su-30MKI, राफेल, मिराज और MiG-29 भी शामिल हैं. इसे अगर भारतीय वायु सेना की रीढ़ की हड्डी कहा जाए, तो गलत नहीं होगा. यह फुर्तीला फाइटर जेट भारत की रक्षा क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर लेकर जाता है. यह बाकी सभी जेट्स के मुकाबले वजन में काफी हल्का है, जो सिर्फ 6,500 kg का ही है. इसके लगभग 50 परसेंट पार्ट्स भारत में बनते हैं.

‘Made in India’ का प्रतीक तेजस में कई सारे फीचर्स हैं जैसे कि इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, ग्लास कॉकपिट, डिजिटल मैप जेनरेटर, एडवांस्ड रेडियो अल्टीमीटर, स्मार्ट मल्टी-फंक्शन डिस्प्ले वगैरह, इसके चलते यह ज्यादा रेंज और ज्यादा सटीकता के साथ दुश्मन पर हमला बोल सकता है.

इसकी एक खूबी यह भी है कि यह सिर्फ 460 मीटर के छोटे रनवे से उड़ान भर सकता है. तेजस की रेंज लगभग 3,000 किलोमीटर और स्पीड लिमिट 2205 किमी/घंटा है. इसकी चौड़ाई 8.20 मीटर है और ऊंचाई 4.40 मीटर है, जो इसे हवा में बेहद फुर्तीला बनाता है. 

तेजस के लिए HAL को बड़ा ऑर्डर

भारत सरकार ने इस साल सितंबर में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को बड़ा ऑर्डर दिया है. इसके तहत HAL को  MK-1A किस्म के 97 विमानों के ऑर्डर की सप्लाई करनी है.  623.70 अरब रुपये (7.03 अरब डॉलर) की इस डील के तहत कंपनी को 2027-28 से 6 साल में यह ऑर्डर पूरा करना है. बताया जा रहा है कि A1 वैरिएंट के 97 यूनिट्स का प्रोडक्शन शुरू हो गया है.

यह बदलाव इसे वेस्टर्न फाइटर जेट्स जैसा बनाने के लिए किए गए है क्योंकि इसे बनाने के लिए ज्यादातर इजराइली सिस्टम्स का इस्तेमाल हुआ है. तेजस में ऐसे कई सारे विदेशी पार्ट्स और सिस्टम लगे हैं, जिसमें इजराइल का बड़ा रोल है. उदाहरण के लिए तेजस Mk1A में इस्तेमाल होने वाला AESA रडार इजराइली कंपनी एल्टा सिस्टम्स ने बनाया था और कंपनी ने ही एक इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम भी बनाया था. ऐसे में अगर यह डील रूकती है, तो इससे इजराइल को भी नुकसान होगा क्योंकि डील से इसे अच्छी-खासी कमाई होने की उम्मीद है.

 

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