- January 10, 2026
खामेनेई की फोटो में लगाई आग, उसी से जलाई सिगरेट… ईरान में मुस्लिम लीडर के खिलाफ महिलाओं का
ईरान में जारी खूनी जनविद्रोह के बीच विरोध जताने का एक नया ट्रेंड सामने आया है, जहां ईरान की महिलाएं देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीरों को जलाकर उनसे सिगरेट जलाती नजर आ रही हैं. ईरानी महिलाओं के इस तरह से विरोध का नजारा सरकार-विरोधी प्रदर्शनों की सबसे यादगार तस्वीरों में शामिल हो गए हैं.
पिछले दो हफ्तों से मिडिल ईस्ट के इस देश को झकझोर रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान यह ट्रेंड ईरान जैसे एक सख्त सामाजिक प्रतिबंधों और महिलाओं के अधिकारों पर कड़ा नियंत्रण रखने वाले देश में खुली अवज्ञा का प्रतीक बन गया है.
इस्लामिक सत्ता को पूरी तरह नकार रहे ईरानी प्रदर्शनकारी
Iranian woman lights her cigarette with a burning photo of the ayatollah. This is braver than anything an American feminist has done in the 21st century. pic.twitter.com/EplGdzTkjN
— Global Index (@TheGlobal_Index) January 10, 2026
این روزها زنان سیگاری در ایران اینجوری سیگار روشن میکنند#ایران pic.twitter.com/Z9wHYQju3j
— Behnam Gholipour (@beehnam) January 10, 2026
ईरान में यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब 86 वर्षीय अली खामेनेई के नेतृत्व वाले धर्मतांत्रिक शासन के खिलाफ हाल ही में विरोध प्रदर्शन सरकारी कार्रवाई के बावजूद लगातार तेज होते जा रहे हैं. देश में महंगाई, आर्थिक बदहाली और बढ़ती कीमतों के खिलाफ शुरू हुए ये प्रदर्शन जल्द ही खामेनेई शासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक आंदोलन में बदल गए. पहले की तरह इस बार प्रदर्शनकारी सिर्फ सुधारों की मांग नहीं कर रहे, बल्कि इस्लामिक रिपब्लिक को पूरी तरह से नकारते हुए नजर आ रहे हैं.
ईरान में लग रहे खामेनेई मुर्दाबाद के नारे
पिछले महीने की 28 दिसंबर, 2025 से ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में युवा और बुजुर्ग लोग सभी सड़कों पर उतर आए हैं और पूरे इलाके में खामेनई मुर्दाबाद और पहलवी वापस आएंगे जैसे नारे गूंज रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का एक वर्ग ईरान के आखिरी शाह के बेटे रजा पहलवी की वापसी की मांग भी कर रहा है, जिनके पिता को 1979 की क्रांति के दौरान सत्ता से बेदखल कर दिया गया था.
ईरान में अवज्ञा का प्रतीक
इन नारों के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता की तस्वीरें जलाकर उनसे सिगरेट जलाती ईरानी महिलाओं की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जमकर वायरल हो गई हैं और पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रहीं हैं. हालांकि, इस तरह का यह विरोध नया नहीं है. ऐसे नजारे साल 2022 के व्यापक विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी देखने को मिले थे, जो 22 साल की महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद भड़क उठे थे. अमीनी को कथित तौर पर अनुचित पहनावे के आरोप में ईरान की मोरैलिटी पुलिस ने गिरफ्तार किया था.
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