• May 23, 2025

ITR फाइल करने से इस काम को करना न भूलें, रिफंड मिलने में होगी आसानी

ITR फाइल करने से इस काम को करना न भूलें, रिफंड मिलने में होगी आसानी
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Income Tax Return: इनटम टैक्स रिटर्न फाइल करने की तारीख नजदीक आ रही है. 31 जुलाई ITR फाइल करने की आखिरी तारीख है. वैसे तो आप इस तारीख के बाद भी रिटर्न फाइल कर सकते हैं, लेकिन आपको पेनाल्टी देनी होगी या टैक्स पर इंटरेस्ट चुकाना होगा. आईटीआर फाइल करना हर नागरिक की कानूनी जिम्मेदारी है, लेकिन इसके और भी कई फायदे हैं इसलिए इसे ध्यान से भरना जरूरी है. ITR फाइल करने से पहले Form 26AS और Annual Information Statement (AIS) को चेक करना न भूलें, नहीं तो आपका रिफंड अटक सकता है. 

Form 26AS

Form 26AS आपका सालाना टैक्स स्टेटमेंट होता है, जिसमें आपके चुकाए गए टैक्स का पूरा डिटेल होता है. यह आपके PAN नंबर से लिंक होता है इसलिए आप इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर जाकर इसे निकाल सकते हैं.

Form 26AS में टीडीएस डिडक्शन, आपके जमा कराए गए एडवांस टैक्स, सेल्फ असेसमेंट टैक्स, टीसीएस और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा जारी रिफंड की भी जानकारी होती है. इसमें टैक्स काटने वाले व्यक्ति/संस्था का नाम, टैक्स की रकम वगैरह का भी जिक्र होता है.

इसके अलावा, फॉर्म में भारी-भरकम ट्रांजैक्शन की भी डिटेल देखने को मिल जाती है जैसे कि 50 हजार से अधिक लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम का पेमेंट, 20 हजार से अधिक हेल्थ इन्शुरन्स प्रीमियम का पेमेंट, 1,00,000 से अधिक एजुकेशनल फीस या डोनेशन का पेमेंट, 20,000 से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स का पेमेंट इत्यादि.

रिटर्न फाइल करते वक्त आपका लिखा गया TDS अमाउंट और 26 as में मौजूद टीडीएस से मैच होना चाहिए. इसमें थोड़ा सा भी अंतर होने से आप आयकर विभाग के सवालों के घेरे में आ सकते हैं. अगर 26AS में दिखाई गयी डिटेल से आपका रिटर्न मेच होता है तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इसे जल्दी प्रॉसेस कर देता है और आपको रिफंड जल्दी मिलने में आसानी होती है. 

Annual Information Statement

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते वक्त कई बार हमें पिछली डिटेल याद नहीं रहती है. इसी समस्या को सुलझाने के लिए नवंबर 2021 में AIS को पेश किया गया था. इसे आप इनकम टैक्‍स की ऑफिशियल वेबसाइट www.incometax.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं. इसमें टैक्सपेयर्स की वह सारी जानकारियां होती हैं, जो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास पहले से होता है. ये दो हिस्से में होते हैं-

पार्ट A : इसमें टैक्सपेयर की सामान्य जानकारियां जैसे कि पैन, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, एड्रेस, नाम और जन्म तारीख होती हैं. अगर इंडिविजुअल की जगह कोई कंपनी है, तो जन्म की जगह कंपनी की स्थापना की तारीख का जिक्र होता है. 

पार्ट B : इसमें आपके टैक्स से जुड़ी तकनीकी जानकारियां मौजूद होती हैं. 

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