• September 29, 2025

‘बातचीत के लिए किसी भी समय तैयार…’, लेह एपेक्स बॉडी ने की सामान्य स्थिति की मांग तो गृह मंत्

‘बातचीत के लिए किसी भी समय तैयार…’,  लेह एपेक्स बॉडी ने की सामान्य स्थिति की मांग तो गृह मंत्
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केंद्र ने सोमवार को कहा कि वह लद्दाख मामलों पर लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के साथ बातचीत के लिए हमेशा तैयार है. इसने विश्वास व्यक्त किया कि निरंतर बातचीत से निकट भविष्य में वांछित नतीजे सामने आएंगे.

LAB की शर्तें और वार्ता से दूरी
LAB ने इससे पहले घोषणा की थी कि जब तक लद्दाख में सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो जाती और अनुकूल माहौल नहीं बन जाता, तब तक वह केंद्र के साथ बातचीत से दूर रहेगा. LAB ने कहा था कि वह वार्ता की मेज पर लौटने के बारे में पुनर्विचार करेगा, ‘यदि (छह अक्टूबर को) निर्धारित अगले दौर की वार्ता से पहले सही कदम उठाए जाते हैं’.

LAB की प्रमुख मांगें
LAB सरकार से 24 सितंबर को हिंसा में हुई मौतों की न्यायिक जांच उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने तथा जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सहित हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रिहा करने की भी मांग कर रहा है. गृह मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार लद्दाख पर उच्चाधिकार प्राप्त समिति (HPC) या ऐसे किसी भी मंच के माध्यम से LAB और केडीए के साथ चर्चा का स्वागत करेगी.

बातचीत के लिए किसी भी समय तैयार रही है सरकार
बयान में कहा गया है कि सरकार लद्दाख मामलों पर लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के साथ हमेशा ‘किसी भी समय’ बातचीत के लिए तैयार रही है. बयान के मुताबिक, लद्दाख पर उच्चाधिकार प्राप्त समिति (HPC) के माध्यम से LAB और केडीए के साथ स्थापित संवाद तंत्र से अब तक अच्छे परिणाम सामने आए हैं, जैसे- लद्दाख की अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण में वृद्धि, लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (एलएएचडीसी) में महिलाओं के लिए आरक्षण प्रदान करना और स्थानीय भाषाओं को संरक्षण प्रदान करना.

सरकारी कदम और भर्ती प्रक्रिया
मंत्रालय ने कहा, ‘लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में 1800 सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है. हमें विश्वास है कि निरंतर बातचीत के निकट भविष्य में वांछित नतीजे आएंगे.’ राज्य का दर्जा और लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग पर केंद्र के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए ‘लेह एपेक्स बॉडी’ (LAB) द्वारा आहूत बंद के दौरान 24 सितंबर को व्यापक हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए.

आंदोलन और हिंसक झड़पें
प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पों में चार लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए, जबकि दंगों में कथित संलिप्तता के आरोप में 50 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया. आंदोलन का मुख्य चेहरा, कार्यकर्ता वांगचुक को भी कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत में लिया गया. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, 20 जुलाई को बातचीत का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. LAB और केडीए केंद्र शासित प्रदेश को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची के विस्तार की मांग को लेकर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं.



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