• March 20, 2025

घर में BLA-TTP बढ़ा रहे टेंशन, अब ‘दोस्त’ चीन ने भी दिया अल्टीमेटम, पाकिस्तान पर लगाएगा अरबों क

घर में BLA-TTP बढ़ा रहे टेंशन, अब ‘दोस्त’ चीन ने भी दिया अल्टीमेटम, पाकिस्तान पर लगाएगा अरबों क
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China Pakistan News: पाकिस्तान इस समय खुद के पाले आंतकियों की मार झेल रहा है. बलूचिस्तान में ट्रेन हाईजैक की घटना और फिर नौशेकी में सेना के काफिल पर हुए हमले से पाकिस्तान अभी घर के भीतर ही कई मोर्चों पर युद्ध लड़ रहा है. तहरीके तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलूच विद्रोही आए दिन शहबाज शरीफ की आर्मी को निशाना बना रही है. बलूचिस्तान में हुए ट्रेन हाईजैक के बाद से चीन भी अब उस इलाके में कड़ी सुरक्षा को लेकर लगातार पाकिस्तान पर दवाब डाल रहा है.

चीन के प्रोजेक्ट पर मंडराया खतरा

इस समय पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थिति काफी खराब है. बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का दखल अब इस क्षेत्र में बढ़ गया है, जिस वजह से चीन को चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) प्रोजेक्ट पर खतरा मंडराता दिख रहा है. इस प्रोजेक्ट पर चीन ने अरबों रुपया खर्च किया है. न्यूज एजेंसी एएनआई के पॉडकास्ट में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य और पाकिस्तान मामलों के विशेषज्ञ तिलक देवाशर ने कहा कि चीन बलूचिस्तान में खास किस्म के सुरक्षाकर्मियों की तैनाती चाहता है.

चीन पाकिस्तान पर लगा सकता है जुर्माना

पाकिस्तान मामलों के विशेषज्ञ तिलक देवाशर ने कहा कि भौगलिक रूप से बलूचिस्तान ऐसी जगह है जहां पाकिस्तान किसी हालत में चीन के सैनिकों की तैनाती होने नहीं दे सकता है. पाकिस्तान ग्वादर प्रोजेक्ट और उसकी सड़क के परियोजना से जुड़े चीन के कर्मचारियों को सुरक्षा देने में नाकाम रहा है. पिछले कुछ दिनों में चीन के कई कर्मचारी इस क्षेत्र में बीएलए के निशाने पर रहे हैं. ऐसे में चीन ने जो पाकिस्तान को उधार के पैसे दिए हैं, उसे वापस मांग सकता है. साथ ही साथ जुर्माना भी लगा सकता है.

चीन चाहता है अपनी सेना की तैनाती

देवाशर ने बताया कि चीन के भीतर सबसे बड़ा डर ये बैठ गया है कि अगर बीएलए के लड़ाके ट्रेन हाईजैक कर सकते हैं तो आगे के दिनों में अगर वे ग्वादर बंदरगाह या पॉवर प्रोजेक्ट या ग्वादर एयरपोर्ट पर कब्जा कर लिए तो क्या होगा? उन्होंने बताया कि चीन ने अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए इस क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ाने या फिर अपनी सेना तैनात करने की मांग रखी है, जैसा कि श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर है. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ऐसा नहीं करना चाहता है क्योंकि उसकी साख और प्रतिष्ठा का सवाल है.

तिलक देवाशर ने ये भी आशंका जताई है कि चीन इन क्षेत्रों में प्राइवेट सिक्योरिटी तैनात करवा सकता है. उन्होंने कहा, “पाकिस्तान की सबसे बड़ी समस्या ये है कि वह अपने अंदर झांककर नहीं देखता है. पाकिस्तान 1947 के बाद से ही हर छोटी समस्या पर भारत को जिम्मेदार ठहराता रहा है.”

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