• February 2, 2025

Union Budget: अगर ऐसी इनकम मिली तो 12 लाख से कम आमदनी पर भी देना पड़ सकता है टैक्स, जानें

Union Budget: अगर ऐसी इनकम मिली तो 12 लाख से कम आमदनी पर भी देना पड़ सकता है टैक्स, जानें
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No Rebate On Special Rate Income:  यूनियन बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने न्यू टैक्स रिजीम में 12 लाख तक की सालाना आमदनी को पूरी तरह से टैक्स फ्री कर देने की घोषणा की है. ऐसी चर्चा चारों ओर हो रही है. अगर आपने भी सच में ऐसा मान लिया है तो धोखा खा सकते हैं. क्योंकि इनकम टैक्स की जिस धारा 87 ए के तहत 12 लाख की आमदनी को टैक्स फ्री किया गया है, वह स्पेशल रेट इनकम पर लागू ही नहीं होती है. लॉटरी या इक्विटी से हुई कमाई स्पेशल रेट इनकम के तहत ही आते हैं. इसके अलावा शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन भी इसी के तहत आते हैं.  इसलिए आपकी सालाना आमदमी अगर 12 लाख से कम भी है, लेकिन आमदनी का कोई हिस्सा शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन या लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन से आया है तो उस पर आपको टैक्स देना पड़ेगा.

इस पूरी गणित को इस तरह से समझिए

मान लीजिए की आपकी सालाना आमदनी आठ लाख रुपये है. उस साल आपको तीन लाख 50 हजार रुपये की कमाई लॉटरी से हुई है तो आपका इनकम टैक्स जीरो नहीं होगा. आपको साढ़े तीन लाख की आमदनी पर 10 फीसदी के हिसाब से टैक्स का भुगतान करना होना. यानी आपको 35 हजार रुपये इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को भरने पड़ेंगे. बाकी शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म कैपिटल में भी इसी तरह से 12 लाख से कम आमदनी होने पर भी टैक्स देने पड़ेंगे. शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन का टैक्स कैलकुलेशन क्रमशः सेक्शन 111 ए और सेक्शन 112 के तहत होता है. इन पर सेक्शन 87 ए के प्रावधान लागू नहीं होते हैं.

बजट में मिले 87-ए के रिबेट को ऐसे समझिए

चारों ओर हो रही 12 लाख तक की आमदनी के न्यू टैक्स रिजीम में टैक्स फ्री होने के तकनीकी पहलू को समझना जरूरी है. इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 87-ए के तहत चार लाख तक आमदनी पर टैक्स जीरो है. चार से आठ लाख के इनकम स्लैब पर 5 फीसदी टैक्स लगना है, यह 20 हजार रुपये तक होगी. इसी तरह 8 से 12 लाख तक के इनकम स्लैब पर दस फीसदी के हिसाब से कुल टैक्स 60 हजार तक हो सकती है. इस बार बजट में 87-ए के तहत 60 हजार तक के टैक्स पर रिबेट दे दिया गया है. इस तरह 12 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री हो गई है, परंतु 87-ए के तहत शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन या लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर यह टैक्स रिबेट हासिल नहीं होगा. इन मामलों में 12 लाख से कम आमदनी पर भी टैक्स देना ही होगा. जिन आमदनी पर 87 ए के तहत रिबेट मिलेगा भी, उनमें भी रिबेट को क्लेम करने के लिए आईटीआर भरने के बाद रिबेट का पैसा रिटर्न भरने वाले के बैंक खाते में आ जाएगा. 

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