• September 15, 2026

भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगाएगा अमेरिका? बिल में संशोधन कर नाम शामिल करेगा

Share

अमेरिकी सांसद रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक में संशोधन के लिए प्रस्ताव दे रहे हैं. प्रतिनिधि सभा में इस विधेयक के एक संशोधन में भारत समेत रूस के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के नाम कानून में शामिल करने का प्रस्ताव है. वहीं, दूसरे संशोधन में रूस के व्यापारिक साझेदारों पर टैरिफ लगाने वाले पूरे प्रावधान को हटाने की मांग की गई है.

‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट’ को पिछले महीने अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के भारी बहुमत से पारित किया था. विधेयक में रूस के नेतृत्व और ऊर्जा क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ उन जहाजों के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रस्ताव है, जिन्हें मॉस्को तेल की डिलीवरी पर प्रतिबंधों से बचने के लिए इस्तेमाल करता है. इन्हें रूस का शैडो फ्लीट कहा जाता है.

रूस के तेल कारोबार को युद्ध की फंडिंग से जोड़ा गया

अमेरिका का मानना है कि रूस के कच्चे तेल का कारोबार यूक्रेन के खिलाफ चल रहे युद्ध को आर्थिक मदद दे रहा है. विधेयक में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस के प्रमुख तेल खरीदार देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का अधिकार देने का भी प्रस्ताव है. इनमें चीन और भारत जैसे देश शामिल हैं.

सीनेट ने इस विधेयक को 7 अगस्त को पारित किया था. हालांकि, सीनेट से पारित विधेयक में रूस के व्यापारिक साझेदार देशों के नाम नहीं दिए गए हैं. इसमें तेल और गैस के आयात की मात्रा के आधार पर पांच सबसे बड़े आयातकों का उल्लेख किया गया है.

अब विधेयक को राष्ट्रपति के पास हस्ताक्षर के लिए भेजे जाने से पहले प्रतिनिधि सभा से पारित होना जरूरी है. अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के पास इस काम के लिए चार कार्यदिवस बचे हैं. इसके बाद 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले सदन जल्द अवकाश पर चला जाएगा.

संशोधन में भारत समेत 10 देशों के नाम

डेमोक्रेटिक सांसद स्टेनी होयर ने एक संशोधन पेश किया है. इसमें चीन, भारत, तुर्किये, अजरबैजान, हंगरी, स्लोवाक रिपब्लिक, UAE, सिंगापुर, कजाकिस्तान और किर्गिज रिपब्लिक को उन देशों के तौर पर कानून में शामिल करने का प्रस्ताव है, जिन पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाया जा सकता है.

इसका मतलब है कि रूस से तेल कारोबार करने वाले इन देशों को विधेयक में प्रस्तावित माध्यमिक टैरिफ के दायरे में स्पष्ट रूप से लाया जा सकता है.

टैरिफ का पूरा प्रावधान हटाने का प्रस्ताव

दिलचस्प बात यह है कि डेमोक्रेटिक सांसद ग्रेगरी मीक्स ने एक अलग संशोधन पेश किया है. मीक्स ट्रंप को अतिरिक्त टैरिफ लगाने के अधिकार देने के कड़े विरोधी हैं. उन्होंने विधेयक की पूरी धारा 113 को हटाने का प्रस्ताव दिया है. यही धारा राष्ट्रपति को रूस के व्यापारिक साझेदारों पर व्यापक माध्यमिक टैरिफ लगाने का अधिकार देने की बात करती है. मीक्स के इस संशोधन को तीन अन्य सांसदों का समर्थन मिला है. रूस प्रतिबंध विधेयक में प्रस्तावित संशोधनों को सोमवार को प्रतिनिधि सभा की रूल्स कमेटी ने सार्वजनिक किया.

राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर प्रतिबंधों में छूट का प्रस्ताव

मीक्स ने एक और संशोधन पेश किया है. इसके तहत राष्ट्रपति को किसी विदेशी व्यक्ति पर लागू प्रतिबंधों से 90 दिनों की अवधि के लिए छूट देने का अधिकार देने का प्रस्ताव है. अगर अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी हो, तो इस छूट को अतिरिक्त 90-90 दिनों की अवधि के लिए बढ़ाया जा सकेगा.

यूक्रेन के लिए 15 अरब डॉलर के कर्ज का प्रस्ताव

मीक्स ने एक अन्य संशोधन भी पेश किया है, जिसमें यूक्रेन को 15 अरब अमेरिकी डॉलर के सीधे कर्ज देने का अधिकार देने का प्रस्ताव है. इस राशि का इस्तेमाल यूक्रेन को रक्षा संबंधी सामान और सेवाओं की खरीद के लिए वित्तीय मदद देने में किया जा सकेगा.

यह भी पढ़िएः ईरान-यूएई के बीच बनी बात… एक्सपर्ट ने बताया ब्रिक्स से कैसे मजबूत हुई भारत की इमेज

 



Source


Share

Related post

Jack Dorsey’s Bitchat taken off Indian app stores…

Share Bitchat takedown puts Bluetooth messaging app NEW DELHI: Jack Dorsey’s Bluetooth-based messaging app Bitchat has been removed…

Trump Ditches Taxpayer Funds, Says He’ll Fund Midterm…

Share News world Trump Ditches Taxpayer Funds, Says He’ll Fund Midterm Ads With His Own Money After Flak…

‘Vote Bachao, Desh Bachao’: Congress announces nationwide campaign…

Share Congress general secretary KC Venugopal NEW DELHI: Hours after the Supreme Court clarified that it had not…