• May 13, 2026

‘सिंगर बनने लायक नहीं आवाज’, जब डायरेक्टर ने बेनी दयाल से कही थी ये बात, फिर ऐसे बदली किस्मत

‘सिंगर बनने लायक नहीं आवाज’, जब डायरेक्टर ने बेनी दयाल से कही थी ये बात, फिर ऐसे बदली किस्मत
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एक ऐसी आवाज जो सुनते ही दिल को छू जाती है, जो उत्साह भरती है और थिरकने पर मजबूर कर देती है. यह है बेनी दयाल की स्वैग भरी आवाज. आज लाखों लोग उनकी गुनगुनाती आवाज पर फिदा हैं, लेकिन उनके सफर की शुरुआत आसान नहीं थी. एक समय ऐसा भी था जब एक म्यूजिक डायरेक्टर ने उन्हें साफ कह दिया था कि “तुम्हारी आवाज गायक बनने लायक नहीं है.” फिर, एआर रहमान उनकी किस्मत की चाबी बनकर आए और सब कुछ बदल दिया.

अच्छे डांसर से संगीत तक का सफर

13 मई 1984 को अबू धाबी में जन्मे बेनी दयाल का बचपन नृत्य के रंग में रंगा रहा. उन्होंने 14 साल तक भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी और मोहिनीअट्टम की ट्रेनिंग ली. कर्नाटक संगीत भी सीखा, लेकिन उनका सपना गायक बनने का कभी नहीं था. स्कूल के दिनों में वे डांस कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेते और जीतते भी. सब उन्हें एक अच्छे डांसर के रूप में जानते थे.

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एक दिन जब किसी ने उन्हें गाते सुना तो कहा कि वे डांस से भी बेहतर गाते हैं. इस तारीफ ने उन्हें सोचने पर मजबूर किया. फिर बस में “दिल से” फिल्म का गाना सुनकर उनका जीवन बदल गया. उन्होंने फैसला कर लिया कि संगीत ही उनका भविष्य है.

नौकरी के पहले दिन ही ए.आर. रहमान का फोन

स्कूल पूरा होने के बाद बेनी चेन्नई जाना चाहते थे, लेकिन उनके पिता चाहते थे कि वे पुणे में पढ़ाई करें. दो महीने तक पिता-पुत्र के बीच मौन रहा. आखिर तय हुआ कि पहले पढ़ाई पूरी करेंगे. कॉलेज में बेनी ने बैंड बनाया और अलग-अलग तरह के गाने गाए. लेकिन प्रोफेशनल करियर की राह आसान नहीं थी. वे जगह-जगह जाते और कोरस में गाने की गुजारिश करते, लेकिन हर तरफ नकारात्मक जवाब मिलता. एक म्यूजिक डायरेक्टर ने तो साफ कह दिया कि उनकी आवाज गायक बनने लायक नहीं है. आर्थिक तंगी, पिता की बीमारी और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच बेनी टूट चुके थे. आखिर उन्होंने सीनियर की सलाह पर बीपीओ में एचआर की नौकरी कर ली.

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लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. नौकरी जॉइन करते ही पहले दिन बेनी को एआर रहमान का फोन आया. रहमान ने बेनी का धार्मिक गीत सुना था और उनकी आवाज पसंद आ गई थी. साल 2008 में तमिल फिल्म ‘सक्काराकट्टी’ के लिए ‘चिन्नम्मा, चिलकम्मा’ गाना बेनी को मिला. यह उनके जीवन का सबसे बड़ा ब्रेक था. एआर रहमान ने न सिर्फ उन्हें दक्षिण भारतीय सिनेमा में स्थापित किया बल्कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में भी लाया. फिल्म ‘गजनी’ का गाना ‘कैसे मुझे तुम मिल गई’ सुपरहिट हो गया. यह बेनी दयाल को पहचान दिलाने में सफल रहा

बेनी दयाल का करियर

बेनी दयाल ने तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, हिंदी, बांग्ला, गुजराती और मराठी समेत कई भाषाओं में गाने गाए हैं. वे फ्रेंच और अरबी में भी गा सकते हैं. हिमेश रेशमिया, प्रीतम, सलीम-सुलेमान, अमित त्रिवेदी जैसे संगीतकारों के साथ काम करने वाले गायक कहते हैं कि आज भी हर रिकॉर्डिंग से पहले उन्हें लगता है कि शायद उनकी आवाज इस गाने के लिए ठीक न हो. वे संगीत को दिल से निकलने देते हैं और मन में नफरत नहीं रखते.

साल 2016 में बेनी दयाल ने मॉडल कैथरीन थंगम से शादी की. वह स्वतंत्र गाने भी बनाते हैं और देश-विदेश में लाइव परफॉर्मेंस करते हैं.



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