• July 6, 2026

हूती, हमास और हिज्बुल्लाह की मौजूदगी, ईरान ने दिखाई ताकत, खामेनेई की आखिरी सलामी से सीधा संदेश

हूती, हमास और हिज्बुल्लाह की मौजूदगी, ईरान ने दिखाई ताकत, खामेनेई की आखिरी सलामी से सीधा संदेश
Share

मिडिल ईस्ट में क्या ईरान ने अपने पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई के अंतिम संस्कार के बहाने दुनिया को ताकत दिखाई है? खामेनेई के अंतिम विदाई कार्यक्रम को भावनात्मक एंगल के अलावा कई तरह से देखा जा रहा है. इसके जरिए एक शब्द एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस भी फिर उठ खड़ा हुआ है.

मिडिल ईस्ट पिछले कुछ महीनों से ताबड़तोड़ हमलों, युद्धात्मक कार्रवाई और आर्मी प्रेशर से गुजर रहा है. एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस को प्रतिरोध की धुरी कहा जाता है. यानी ईरान दुनिया को इस कार्यक्रम के बहाने किस ओर इशारा कर रहा है? आइए समझते हैं. 

विद्रोही गुटों को सपोर्ट करता है ईरान

देखने में आया है कि ईरान सालों से फिलस्तीन के विद्रोही गुट हमास, लेबनान के हिज्बुल्लाह और यमन के हूती विद्रोहियों को सपोर्ट करता रहा है. इन्हें अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने टेरर ऑर्गेनाइजेशन घोषित किया हुआ है. ईरान अपने इन विद्रोही गुटों को एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस कहता है. इसमें इराक के कुछ गुट भी शामिल हैं. यह सभी हथियारबंद संगठन हैं. 

नीरव मोदी का भारत प्रत्यार्पण का रास्ता साफ, कोर्ट में आखिरी कानूनी लड़ाई भी हारा भगोड़ा हीरा कारोबारी

विद्रोही गुट के नुमाइंदो ने की विदेश मंत्री अराघची से मुलाकात

हाल ही के हमलों और ईरान-गाजा वॉर के बाद यह माना जाने लगा था कि मिडिल ईस्ट के यह लड़ाकू संगठन कमजोर हो गए हैं. लेकिन इन विद्रोही गुटों के मौजूदगी ने पूरे जनाजे में खास चर्चा बटोरी है. यह गुट आतंकी गतिविधियों और विद्रोही गुटों के तौर पर जाने जाते हैं. हिज्बुल्लाह और हमास की तरफ से आए उनके नुमाइंदों ने बकायदा ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से भी मुलाकात की है. 

मिडिल ईस्ट में इन विद्रोही गुटों की चुनौती कम नहीं

ईरान की ताकत रहे, हमास, हिजबुल्लाह और हूती से जुड़े लोग खामेनेई के जनाजे में शामिल हुए. यह सारे विद्रोही गुट हैं. इन्हें जियोपॉलिटिक्स में Tiple H कहा जाता है. इजरायल ने इन विद्रोही गुटों को कमजोर करने के लिए कई सैन्य ऑपरेशन चलाए हैं. इधर, अमेरिका और इजरायल दावा करते रहे हैं कि इस युद्ध में इन विद्रोही गुटों को काफी नुकसान पहुंचा है, लेकिन खामेनेई के अंतिम संस्कार में इनकी मौजूदगी ने अलग ही बयानगी पेश की है. यानी इनकी मौजूदगी से माना जा रहा है कि इजरायल के लिए मिडिल ईस्ट में इन विद्रोही गुटों की चुनौती कम नहीं हुई है. यह एकदम सक्रिय रूप से मौजूद हैं. एक्सपर्ट्स भी इस कार्यक्रम को एक राजनीतिक पावर शो ऑफ समारोह कह रहे हैं. 

ये भी पढ़ें : खामनेई की आखिरी सलामी में जाने से इन 3 मुस्लिम देशों का इनकार, कैसे तेहरान के चलते बंट गया इस्लामिक वर्ल्ड



Source


Share

Related post

संजय दत्त ने जेल में कैसे गुजारे दिन?…

Share महाराष्ट्र में मराठी भाषा बोलने को लेकर अक्सर विवाद रहता है. महाराष्ट्र में टैक्सी, कैब चालको और…

‘अब RSS हर जगह किया जाता स्वीकार, विरोधी…

Share लंदन में आरएसएस के कार्यक्रम सेलिब्रेशन ऑफ वननेस इवेंट में संगठन के चीफ मोहन भागवत ने समाज…

Iran Preparing For Multi-Front ‘October 7-Style’ Assault On…

Share News world Iran Preparing For Multi-Front ‘October 7-Style’ Assault On Israel Amid Soaring Tensions Last Updated:September 06,…