• July 6, 2026

चंदा चोरी पर चंपत राय का इस्तीफा, जानें कांग्रेस की क्या है पहली प्रतिक्रिया

चंदा चोरी पर चंपत राय का इस्तीफा, जानें कांग्रेस की क्या है पहली प्रतिक्रिया
Share

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद देश में राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस ने कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा की इस्तीफे मंजूर‌ करके राम मंदिर ट्रस्ट ने पूरी तरह यह स्वीकार कर लिया है कि पिछले एक महीने से देश को हिला देने वाली ‘चंदा चोरी’ की रिपोर्टें वाकई सत्य हैं. कांग्रेस के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि पूरे ट्रस्ट को भंग कर इस प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जानी चाहिए.

ट्रस्ट का कोई जिम्मेदारी से बच नहीं सकता: कांग्रेस

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, ‘भगवान राम के मंदिर को वर्षों से लूटने वाले लोगों को हटाया जाना स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है. उन्होंने कहा कि यह घोषणा ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष की ओर से की गई, जबकि वित्तीय मामलों की निगरानी, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और ट्रस्ट की संपत्तियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उन्हीं की थी. उनका कहना है कि ट्रस्ट का कोई भी सदस्य अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता, क्योंकि उनके कार्यकाल में ही यह पूरा मामला चलता रहा.

उन्होंने कहा, ‘यह स्वागत योग्य खबर है कि प्रभु राम के पावन मंदिर से वे लोग हटाए जा रहे हैं जो वर्षों तक इसे लूटते रहे, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है. आरएसएस के पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी कृष्णमोहन को राम मंदिर ट्रस्ट का महासचिव नियुक्त कर दिया गया है, जबकि खुद उन पर इस घोटाले को दबाने में भूमिका के आरोप हैं. उन्हें बड़े दायित्व से पुरस्कृत करने के बजाय ट्रस्ट से बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए था.’

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच: कांग्रेस

उन्होंने कहा, ‘देश टुकड़ों-टुकड़ों में इस्तीफे नहीं चाहता. उसे ट्रस्ट को पूरी तरह भंग करके उसका पुनर्गठन चाहिए.‌ देश ट्रस्ट के हर सदस्य के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट-निगरानी में‌ एक स्वतंत्र जांच चाहता है. जवाबदेही सिर्फ ट्रस्ट पर समाप्त नहीं होनी चाहिए. नरेंद्र मोदी तक भी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, जिन्होंने ट्रस्ट का गठन किया और उसके कई सदस्यों की नियुक्ति की.’

पवन खेड़ा ने कहा, ‘इसकी जिम्मेदारी योगी आदित्यनाथ सरकार तक होनी चाहिए, जिसने वर्षों तक इस लूट और डकैती को प्रभावी जांच के बिना चलते रहने दिया. उस आरएसएस-वीएचपी माफिया की भी जिम्मेदारी तय किए जाने की जरूरत है, जिसने दशकों से करोड़ों भारतीयों की कीमत पर खुद को मालामाल करने के लिए भगवान राम के नाम का दोहन किया है.’



Source


Share

Related post

राहुल या विजय, कौन होगा INDIA गठबंधन का…

Share Show Quick Read Key points generated by AI, verified by newsroom कुछ राज्यों में मतभेद के बावजूद…

Ram Mandir CEO Decision Today: From Encounter Specialist…

Share News india Ram Mandir CEO Decision Today: From Encounter Specialist To Ex-Ayodhya DM, Meet Top 3 Contenders…

नेपाल बाढ़ त्रासदी पर बोले कांग्रेस नेता सलमान…

Share नेपाल में आई भीषण बाढ़ से मची तबाही और भारी संख्या में हुई जनहानि पर कांग्रेस पार्टी…