• July 15, 2026

राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर आधी रात बवाल, परेड ग्राउंड में अड़कर बैठ गए कांग्रेसी

राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर आधी रात बवाल, परेड ग्राउंड में अड़कर बैठ गए कांग्रेसी
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 17 जुलाई को देहरादून में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर परेड ग्राउंड की अनुमति पर शुरू हुआ विवाद मंगलवार देर रात धरना-प्रदर्शन में बदल गया. कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आधी रात परेड ग्राउंड पहुंचकर राज्य सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. कांग्रेस ने कार्यक्रम का स्थान बदलने का फैसला किया है. 

राहुल गांधी अब छात्रों से परेड ग्राउंड के बजाय बन्नू स्कूल मैदान में संवाद करेंगे. कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम की तारीख में कोई बदलाव नहीं किया गया है. ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 17 जुलाई को ही आयोजित होगा. पार्टी का कहना है कि छात्रों और अभिभावकों की सुरक्षा तथा कार्यक्रम में किसी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए वैकल्पिक मैदान चुना गया है.

परेड ग्राउंड में कार्यक्रम की तैयारियों के लिए टेंट और अन्य सामग्री लेकर पहुंचे ट्रकों को मैदान में प्रवेश नहीं मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं ने देर रात विरोध का फैसला किया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत और प्रदेश सह प्रभारी मनोज यादव सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय से पैदल मार्च करते हुए परेड ग्राउंड पहुंचे. मैदान के आसपास पहले से पुलिस बल तैनात था. इसी के चलते कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई. इसके बाद नेता और कार्यकर्ता परेड ग्राउंड में धरने पर बैठ गए और कार्यक्रम की अनुमति वापस लेने का विरोध किया.

फीस लेने के बाद रोकी गई अनुमति- कांग्रेस 
गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कार्यक्रम के लिए समय से आवेदन किया था और परेड ग्राउंड के इस्तेमाल के लिए करीब 1.77 लाख रुपये जमा कराए थे. उनका दावा है कि कांग्रेस को 15, 16 और 17 जुलाई के लिए मैदान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन बाद में सरकार के दबाव में कार्यक्रम की अनुमति रोक दी गई. उन्होंने कहा कि निर्धारित शुल्क करीब 65 हजार रुपये बताया गया था, जबकि कांग्रेस ने उससे कहीं अधिक राशि जमा कराई. इसके बावजूद टेंट और दूसरे सामान से लदे ट्रकों को मैदान में प्रवेश नहीं दिया गया.

नगर आयुक्त आलोक पांडे का कहना था कि कांग्रेस को पत्र के माध्यम से अनुमति से जुड़ी शर्तों और जरूरी एनओसी की जानकारी दे दी गई थी, लेकिन संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए. नगर निगम उन दस्तावेजों और शर्तों के अनुपालन का इंतजार कर रहा था. दूसरी ओर कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी का कहना था कि पार्टी ने नगर निगम में आवेदन करने के साथ निर्धारित धनराशि जमा कर दी थी और उसी आधार पर तैयारियां शुरू की गई थीं.

सरकारी कार्यक्रम के कारण पैदा हुआ विवाद
परेड ग्राउंड में 16 जुलाई को हरेला पर्व से जुड़ा सरकारी कार्यक्रम प्रस्तावित होने की बात कही गई. प्रशासनिक स्तर पर इन्हीं कार्यक्रमों के कारण मैदान उपलब्ध कराने में व्यावहारिक कठिनाई का भी हवाला दिया गया. कांग्रेस ने इस तर्क पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस सरकारी आयोजन के नाम पर राहुल गांधी के कार्यक्रम को रोका गया, देर रात मैदान में उससे जुड़ी कोई बड़ी गतिविधि दिखाई नहीं दे रही थी.

ढाई लाख से ज्यादा पंजीकरण का दावा
कांग्रेस का दावा है कि राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए प्रदेशभर से ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है. परेड ग्राउंड की क्षमता लगभग 50 हजार लोगों की मानी जाती है. इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए कार्यक्रम की भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर पहले से सवाल उठ रहे थे. पार्टी का कहना है कि कार्यक्रम में राहुल गांधी उत्तराखंड के विद्यार्थियों से शिक्षा, भर्ती परीक्षाओं, रोजगार और युवाओं से जुड़े दूसरे विषयों पर संवाद करेंगे.

17 जुलाई को बन्नू स्कूल मैदान में कार्यक्रम
कांग्रेस ने अब आधिकारिक रूप से स्पष्ट कर दिया है कि राहुल गांधी का कार्यक्रम 17 जुलाई को बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित किया जाएगा. पार्टी के मुताबिक कार्यक्रम का स्वरूप और छात्रों के साथ संवाद की योजना पहले जैसी ही रहेगी, केवल आयोजन स्थल बदला गया है.

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