• February 16, 2026

जाते-जाते भारत-बांग्लादेश का पेंच फंसा गए मोहम्मद यूनुस! सेवन सिस्टर्स को लेकर ये क्या बोल गए?

जाते-जाते भारत-बांग्लादेश का पेंच फंसा गए मोहम्मद यूनुस! सेवन सिस्टर्स को लेकर ये क्या बोल गए?
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बांग्लादेश में आम चुनावों में अपनी पार्टी बीएनपी को शानदार जीत दिलाने के बाद तारिक रहमान देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में मंगलवार (17 फरवरी 2026) को पद की शपथ लेंगे. मोहम्मद यूनुस ने सोमवार (16 फरवरी 2026) को राष्ट्र के नाम अपने विदाई भाषण में पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को ‘सेवन सिस्टर्स’ कहकर संबोधित किया और बांग्लादेश को कनेक्टिविटी का हब करार दिया. उन्होंने क्षेत्रीय आर्थिक अवसरों पर जोर डालते हुए बांग्लादेश को नेपाल, भूटान और भारत के सेवन सिस्टर्स के लिए कनेक्टिविटी का केंद्र बताया.

शेख हसीना को लेकर क्या बोले मोहम्मद यूनुस?

मोहम्मद यूनुस ने विदाई भाषण में कहा, ‘आज अंतरिम सरकार पद छोड़ रही है, लेकिन लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की आजादी और मौलिक अधिकारों की जो प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, उसे खत्म न किया जाए.’ शेख हसीना के तख्तापलट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘वह मुक्ति का दिन था. दुनिया भर में बांग्लादेशी खुशी से आंसू बहा रहे थे. हमारे देश को युवाओं ने एक राक्षस के चंगुल से आजाद कराया. इस चुनाव ने भविष्य के चुनावों के लिए एक मिसाल कायम कर दी है.’

तारिक रहमान को दी ये सलाह

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की समुद्री पहुंच एक रणनीतिक संपत्ति है. मोहम्मद यूनुस ने कहा, ‘हमारा खुला समुद्र केवल एक भौगोलिक सीमा नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल इकोनॉमी का प्रवेश द्वार है. आर्थिक क्षेत्र, व्यापार समझौते, ड्यूटी फ्री मार्केट तक पहुंच इस क्षेत्र को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के रूप में उभरने की नींव रख रहे हैं. हमने अपने बंदरगाहों की क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने के लिए सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह प्रबंधन कंपनियों के साथ समझौते करने में काफी उन्नति की है. यदि हम इसकी क्षमता नहीं बढ़ा पाते हैं तो हम आर्थिक उपलब्धियों में पिछड़ जाएंगे.’

बांग्लादेश की विदेश नीति पर क्या बोले मोहम्मद यूनुस?

मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की विदेश नीति को लेकर भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि वे बांग्लादेश की संप्रभुता, राष्ट्रीय हितों और विदेश नीति में देश की गरिमा को मजबूती से बहाल करने में सक्षम रहे हैं. बांग्लादेश अब अधीन विदेश नीति वाला या अन्य देशों के निर्देशों और सलाह पर निर्भर देश नहीं है. आज का बांग्लादेश अपने स्वतंत्र हितों की रक्षा करने में आत्मविश्वासी, सक्रिय और जिम्मेदार है.’ प्रोफेसर यूनुस ने कहा कि वे पारस्परिक सम्मान और हितों के आधार पर विश्व के सभी देशों के साथ संबंध बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

‘बांग्लादेश ने खुद को निर्णय लेने में सक्षम बनाया’

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश ने आज खुद को एक ऐसे देश के रूप में स्थापित कर लिया है, जो संतुलन बनाए रखते हुए भविष्य के लिए जरूरी रणनीतिक निर्णय लेने में सक्षम है. मोहम्मद यूनुस ने कहा, ‘रोहिंग्या संकट ने राष्ट्रीय सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और अर्थव्यवस्था पर गंभीर खतरा पैदा किया है. दुर्भाग्यवश, लंबे समय तक इस संकट को हल करने के लिए कोई प्रभावी और अंतरराष्ट्रीय पहल दिखाई नहीं दी. पदभार ग्रहण करने के बाद से हम इस मुद्दे को दुनिया की नजर में लाए.  इस संकट की गंभीरता को समझते हुए संयुक्त राष्ट्र बांग्लादेश के साथ खड़ा रहा है.’



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