• November 17, 2024

ITR: आयकर विभाग लगाएगा 10 लाख रुपये का जुर्माना, ऐसी संपत्ति-आय को छिपाना पड़ेगा भारी

ITR: आयकर विभाग लगाएगा 10 लाख रुपये का जुर्माना, ऐसी संपत्ति-आय को छिपाना पड़ेगा भारी
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Income Tax: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने आगाह किया कि है कि इनकम टैक्स रिटर्न में विदेश में स्थित संपत्ति या विदेशों में कमाई इनकम का खुलासा न करने पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लग सकता है. ब्लैक मनी यानी कालाधन विरोधी कानून के तहत ये 10 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई जा सकती है. ये इसलिए भी याद दिलाया जा रहा है कि देर से और संशोधित आईटीआर दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर है.

आयकर विभाग ने टैक्सपेयर्स को कंप्लाइंस-कम अवेयरनेस अभियान के तहत शनिवार को एक पब्लिक कंसलटेशन पेपर जारी किया है. इसमें इस बात की ताकीद की गई है कि टैक्सपेयर्स इस साल ऐसेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए अपने आयकर रिटर्न (आईटीआर) में ऐसी जानकारी दर्ज करें और किसी तरह की जानकारी ना छिपाएं.

कंसलटेशन पेपर में दी गई जानकारी

कंसलटेशन पेपर में साफ किया गया है कि पिछले साल में भारत के टैक्स रेजिडेंट के लिए कुछ जरूरी बातों को ध्यान रखना जरूरी है. इसके तहत तय किए गए कुछ टैक्स संबंधित कार्यों में अगर वो जुड़े रहे हैं तो इस पर भारत में टैक्स देनदारी बनेगी और आईटीआर में इसे शामिल करना जरूरी है. जानिए इसमें क्या-क्या शामिल हैं-

विदेशी ऐसेट्स-इनकम का खुलासा न करने पर लगेगी पेनल्टी

फॉरेन ऐसेट्स में बैंक अकाउंट, कैश वैल्यू इंश्योरेंस कॉन्ट्रेक्ट या सालाना कॉन्ट्रेक्ट, किसी यूनिट या बिजनेस में वित्तीय हित, अचल संपत्ति, इक्विटी और लोन इंट्ररेस्ट, ट्रस्ट जिसमें व्यक्ति ट्रस्टी है, सेटलर का बेनेफिशयरी, हस्ताक्षर प्राधिकारी वाले खाते, अभिरक्षक खाता, विदेश में रखे गए कोई कैपिटल गेन ऐसेट आदि शामिल हैं.

कैसे भेजी जाएगी सूचना

सीबीडीटी ने कहा था कि अभियान के तहत वह उन रेजिडेंट टैक्सपेयर्स को पहले एसएमएस और ईमेल भेजेगा जिन्होंने पहले ही ऐसेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए अपना आईटीआर दाखिल कर दिया है. यह कम्यूनिकेशन ऐसे टैक्सपेयर्स को भेजा जाएगा, जिनकी द्विपक्षीय और बहुपक्षीय समझौतों के तहत मिली जानकारी के जरिए पहचान की जा चुकी है. 

फॉरेन ऐसेट्स की जानकारी छुपाना अपराध

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा कि इस क्राइटेरिया के तहत आने वाले टैक्सपेयर्स को अपने आईटीआर में विदेशी परिसंपत्ति-फॉरेन ऐसेट्स (FA) या विदेशी स्रोत से आय (FSI) अनुसूची को अनिवार्य रूप से भरना होगा. ऐसे लोगों की इनकम भले ही उनकी टैक्सेबल लिमिट से कम हो या विदेश में प्रॉपर्टी को डिक्लेयर्ड सोर्स से कमाया गया हो. आईटीआर में विदेशी संपत्ति/आय का खुलासा न करने पर ब्लैक मनी एंड टैक्स इंपोजीशन ऐक्ट, 2015 के तहत 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है.

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