• June 14, 2026

रूसी तेल को लेकर भारत ने क्या बदला दांव? आयात ने बनाया नया रिकॉर्ड

रूसी तेल को लेकर भारत ने क्या बदला दांव? आयात ने बनाया नया रिकॉर्ड
Share

Russian Oil Import: भारत ने मई 2026 के दौरान रूस से कच्चे तेल का आयात बढ़ा दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय रिफाइनरियों ने डिस्काउंट पर उपलब्ध रूसी तेल की ज्यादा खरीदारी की, जिससे आयात में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई. ये आंकड़ा पिछले करीब 10 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर बताया जा रहा है.

रूस बना सबसे बड़ा सप्लायर

यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बीच रूस ने एशियाई बाजारों की ओर रुख किया था. इसका सबसे ज्यादा फायदा भारत को मिला. सस्ते दाम पर तेल मिलने के कारण भारतीय कंपनियां लगातार रूस से खरीदारी बढ़ा रही हैं. मई में भी रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना रहा.

हर शेयर पर 25 रुपये का बंपर डिविडेंड बांट रही टाटा ग्रुप की यह कंपनी, जानें कब है रिकॉर्ड डेट?

क्यों बढ़ा आयात?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, रूस से मिलने वाला कच्चा तेल अन्य स्रोतों की तुलना में सस्ता पड़ रहा है. इसके अलावा भारतीय रिफाइनरियों ने बढ़ती मांग को देखते हुए खरीदारी बढ़ाई है. कम लागत पर कच्चा तेल मिलने से रिफाइनिंग कंपनियों के मार्जिन में भी सुधार होता है.

इराक और सऊदी अरब पीछे

मई के दौरान रूस से आयात बढ़ने के कारण इराक और सऊदी अरब जैसे पारंपरिक सप्लायर्स का हिस्सा कम रहा. हालांकि, भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कई देशों से तेल खरीदना जारी रखे हुए है.

भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मिला सहारा

एक्सपर्ट्स का मानना है कि रूस से बढ़ता आयात भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी है. भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे में सस्ती दरों पर तेल उपलब्ध होना देश के आयात बिल को नियंत्रित रखने में मदद करता है.

अमेरिका-ईरान के बीच आज डील पर दुनिया की नजर, खुल गया होर्मुज तो किन देशों की लगेगी लॉटरी?

आम लोगों को मिलेगा फायदा?

अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं और रिफाइनरियों को सस्ता तेल मिलता रहता है, तो भविष्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है. हालांकि घरेलू ईंधन कीमतें कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करती हैं.

मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक तेल बाजार की स्थिति पर निवेशकों की नजर बनी हुई है. ऐसे में आने वाले महीनों में भारत के आयात पैटर्न और तेल कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है.



Source


Share

Related post

‘Non-application of mind’: Court sets aside order refusing…

Share NEW DELHI: A Delhi court on Monday allowed a revision plea challenging a magistrate’s order refusing to…

Senior journalist Payal Mehta passes away at age…

Share Condolences poured in from across the political spectrum following the passing away of senior journalist Payal Mehta.…

PM Modi pushes back on West’s narrative over…

Share PM Modi being presented a memento during ‘The Future of Environment and Climate Dynamics’, at Vigyan Bhawan,…