• July 15, 2026

8 महीने तक अंतरिक्ष होगा नया घर! भारतीय मूल के अनिल मेनन ने भरी उड़ान, जानें NASA का मिशन

8 महीने तक अंतरिक्ष होगा नया घर! भारतीय मूल के अनिल मेनन ने भरी उड़ान, जानें NASA का मिशन
Share

नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन और दो रूसी अंतरिक्ष यात्री मंगलवार (14 जुलाई) को कजाकिस्तान से सोयूज एमएस-29 अंतरिक्ष यान के जरिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के आठ महीने के मिशन के लिए रवाना हुए. अनिल मेनन और रूसी अंतिरक्ष यात्रियों प्योत्र डुब्रोव, अन्ना किकिना को लेकर यह अंतरिक्ष यान भारतीय समय के मुताबिक रात आठ बजकर 17 मिनट पर बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से रवाना हुआ.

अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचने में इस यान को करीब तीन घंटे लगेंगे और यह पृथ्वी के दो चक्कर लगाएगा. इसके बाद यह रात 11 बजकर 56 मिनट पर खुद ही स्टेशन के ‘प्रिचाल मॉड्यूल’ से जुड़ जाएगा. नासा के मुताबिक, यह अनिल मेनन की पहली अंतरिक्ष यात्रा है, जबकि दोनों रूसी अंतरिक्षयात्री दूसरी बार अंतरिक्ष मिशन पर गए हैं.

अनिल मेनन की अंतरिक्ष यात्री पत्नी अन्ना विल्हेम समेत उनके परिवार के सदस्य और नासा के प्रशासक जेरेड आइज़ैकमैन अंतरिक्ष मिशन के प्रक्षेपण के दौरान बैकोनूर कॉस्मोड्रोम में मौजूद थे. अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने के बाद ये तीनों अंतरिक्ष यात्री नासा के अंतरिक्ष यात्रियों जेसिका मीर, जैक हैथवे और क्रिस विलियम्स, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की अंतरिक्ष यात्री सोफी एडेनोट तथा रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री सर्गेई कुद-स्वेर्चकोव, सर्गेई मिकाएव और आंद्रेई फेद्यायेव के साथ मिशन में शामिल हो जाएंगे.

अप्रैल 2027 में धरती पर होगी वापसी

अनिल मेनन, प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकिना का यह मिशन लगभग आठ महीने का होगा. तीनों की अप्रैल 2027 में पृथ्वी पर वापसी निर्धारित है. नासा के अनुसार, अनिल मेनन अंतरिक्ष में वैज्ञानिक अनुसंधान और नई प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करेंगे. इनका उद्देश्य मानव अंतरिक्ष अन्वेषण को आगे बढ़ाना और पृथ्वी पर जीवन को लाभ पहुंचाने वाली तकनीकों का विकास करना है.

रूस की अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहयोग एजेंसी ‘रोससोट्रुडनिचेस्ट्वो’ की प्रमुख येलेना रेमिज़ोवा ने इससे पहले सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ को बताया था कि इस रॉकेट के साथ भारतीय स्कूली बच्चों द्वारा बनाई गई चित्रकृतियां भी अंतरिक्ष में भेजी जा रही हैं.

यूएस एयरफोर्स में काम कर चुके हैं अनिल मेनन

अनिल मेनन का जन्म अमेरिका के मिनियापोलिस में यूक्रेनी और भारतीय मूल के प्रवासी माता-पिता के घर हुआ था. वह पेशे से आपातकालीन चिकित्सा विशेषज्ञ (इमरजेंसी मेडिसिन फिजिशियन) हैं और अमेरिकी ‘स्पेस फोर्स’ में कर्नल हैं. अमेरिकी वायुसेना में अपनी सेवा के दौरान उन्होंने ‘ऑपरेशन एंड्यूरिंग फ्रीडम’ के तहत अफगानिस्तान में अग्रिम मोर्चे पर काम किया. इसके अलावा, उन्होंने हिमालयन रेस्क्यू एसोसिएशन के साथ भी काम किया, जहां माउंट एवरेस्ट पर पर्वतारोहियों को चिकित्सा सहायता प्रदान की.

अनिल मेनन (49) ने पोलियो टीकाकरण अभियान का अध्ययन करने और उसमें सहयोग देने के लिए ‘रोटरी एम्बेसडोरियल स्कॉलर’ के रूप में भारत में एक वर्ष बिताया था. उन्होंने 2014 में नासा में ‘फ्लाइट सर्जन’ के रूप में अपने करियर की शुरुआत की. इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर रहने और काम करने वाले अंतरिक्ष यात्रियों के साथ काम किया.

अनिल मेनन का चयन दिसंबर 2021 में नासा के अंतरिक्ष यात्री के रूप में हुआ था. इसके बाद उन्होंने अगले महीने दो वर्षीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होकर तैयारी शुरू की. उनकी पत्नी अन्ना सितंबर 2024 में स्पेसएक्स द्वारा संचालित निजी मानव अंतरिक्ष मिशन ‘पोलारिस डॉन’ के तहत अंतरिक्ष की यात्रा कर चुकी हैं. यह मिशन लगभग पांच दिनों तक चला था.

इनपुट – पीटीआई

यह भी पढ़ें : 20 वॉरशिप और सैकड़ों फाइटर जेट… हॉर्मुज नहीं पार कर पाएंगे ईरानी जहाज, अमेरिका ने ब्लॉक किया रास्ता



Source


Share

Related post

Omar praises India’s foreign policy over Brics mention…

Share Omar praises Centre for Brics SRINAGAR: The condemnation of Pahalgam terror attack in the Brics declaration earned…

DMK submits privilege petition against law minister over…

Share DMK submits petition to Speaker NEW DELHI: DMK leader Ethirajulu Vajjaravelu on Tuesday said the party had…

भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगाएगा अमेरिका? बिल…

Share अमेरिकी सांसद रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक में संशोधन के लिए प्रस्ताव दे रहे हैं. प्रतिनिधि…