• September 11, 2026

‘वैश्विक GDP का 40% हिस्सा BRICS देशों से’, राष्ट्रपति पुतिन ने जी-7 पर कसा तंज

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार, बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स और प्रौद्योगिकी से जुड़ी परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए एक नया निवेश मंच बनाने का प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच बढ़ता आर्थिक सहयोग किसी भी देश के खिलाफ नहीं है. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले सदस्य देशों के उद्योग प्रमुखों की बैठक को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि प्रस्तावित निवेश मंच का आधार न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) हो सकता है. इसका उद्देश्य निजी क्षेत्र से वित्त जुटाकर ब्रिक्स देशों की अर्थव्यवस्थाओं को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है.

उन्होंने कहा, “हमें वित्तपोषण की जरूरत है.” साथ ही उम्मीद जताई कि ब्रिक्स के अन्य सदस्य देश भी इस पहल का समर्थन करेंगे. पुतिन ने कहा कि रूस आर्कटिक ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर और नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर सहित बुनियादी ढांचा और लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं पर साझेदार देशों के साथ काम करने के लिए तैयार है.

ब्रिक्स देशों से वैश्विक जीडीपी का 40%

उन्होंने प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मानव रहित परिवहन, वित्त, पर्यटन और उद्योग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया. पुतिन ने कहा कि ब्रिक्स दुनिया के साथ व्यापक सहयोग के लिए खुला है. उन्होंने कहा, “हम किसी के खिलाफ नहीं हैं. हम अपने हितों के पक्ष में हैं.” रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 40 प्रतिशत से अधिक योगदान ब्रिक्स देशों का रहा है, जबकि जी-7 देशों की हिस्सेदारी 29 प्रतिशत रही. उन्होंने कहा कि इसी अवधि में वैश्विक आर्थिक वृद्धि में ब्रिक्स देशों का योगदान आधे से अधिक रहा है.

पुतिन के अनुसार, आर्थिक वृद्धि के पारंपरिक केंद्रों की जगह अब नए विकास केंद्र ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स का बढ़ता आर्थिक सहयोग अन्य देशों को बाहर करने के बजाय सदस्य देशों के राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने के लिए है. सरकारों, कारोबार और शैक्षणिक जगत के बीच सहयोग के जरिए ब्रिक्स नवाचार और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के आधार पर वैश्विक वृद्धि का एक मजबूत मंच तैयार कर रहा है. उन्होंने कहा, “इस वृद्धि के सबसे महत्वपूर्ण तत्व किसी पर बाहर से नहीं थोपे जा रहे हैं.” पुतिन ने भारत की कंपनी महिंद्रा को ब्रिक्स की कारोबारी सफलता के उदाहरणों में शामिल किया.

एआई, डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिक्र

उन्होंने चीन की हुआवेई, ब्राजील की एम्ब्रेयर, संयुक्त अरब अमीरात की टीपीओ और रूस की रोसाटॉम के साथ महिंद्रा द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और AI क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इन कंपनियों की सफलता ब्रिक्स देशों के बड़े घरेलू बाजार, तेज शहरीकरण और बढ़ती तकनीकी क्षमताओं को दर्शाती है. पुतिन ने कहा कि रूस भी AI, स्वायत्त प्रणालियों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और वित्तीय प्रौद्योगिकी समेत कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तकनीकी नवाचार पर काम कर रहा है. उन्होंने इस धारणा को खारिज किया कि रूस या ब्रिक्स आर्थिक रूप से अलग-थलग होना चाहते हैं. पुतिन ने कहा कि रूस मौजूदा और नए, दोनों तरह के साझेदारों के साथ सहयोग के लिए तैयार है.

उन्होंने कहा, “हम पूरी दुनिया के साथ काम करने के लिए तैयार हैं.” पुतिन ने कहा कि ब्रिक्स व्यापार परिषद व्यापार और आर्थिक संबंधों को नई गति दे सकती है तथा बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स, वित्त और प्रौद्योगिकी से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है. इसके साथ ही उन्होंने पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और अन्य पाबंदियों की तीखी आलोचना की.

उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा तेजी से ऐसे रूप ले रही है, जिनमें व्यापार प्रतिबंध, परिवहन मार्गों पर दबाव और द्वितीयक प्रतिबंध शामिल हैं. पुतिन ने कहा कि प्रतिस्पर्धा कंपनियों और देशों, दोनों स्तरों पर तेजी से “बदरंग रूप” ले रही है. उन्होंने दावा किया कि रूस को 30,000 से अधिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा है. हालांकि, रूस ने अपने विदेशी व्यापार का दायरा बदलकर और अपनी अर्थव्यवस्था को अधिक मजबूत बनाकर इसका जवाब दिया है.

ये भी पढ़ें: वैश्विक व्यापार से US प्रतिबंध तक…, PM मोदी-पुतिन और पेजेश्कियान की बैठक से ट्रंप को कड़ा संदेश!



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