• July 1, 2026

तेल संकट में रूस तो मदद को आगे आया भारत, टैंकर से भेजे करीब 60 हजार मीट्रिक टन पेट्रोल

तेल संकट में रूस तो मदद को आगे आया भारत, टैंकर से भेजे करीब 60 हजार मीट्रिक टन पेट्रोल
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यूक्रेन के साथ जंग में उलझे रूस की मदद के लिए भारत एक बार फिर सबसे पहले खड़ा हुआ है. यूक्रेन के ड्रोन हमले के कारण रूस की कई ऑयल रिफाइनरियां प्रभावित हुई, जिस वजह से भारत मॉस्को को गैसोलीन यानी कि पेट्रोल की सप्लाई कर रहा है. यूक्रेन अटैक से पैदा हुए संकट के बीच रूस ने समंदर के रास्ते भारत से गैसोलीन का आयात शुरू कर दिया है.

भारत ने भेजे करीब 80 हजार टन पेट्रोल

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक रूसी तेल रिफाइनरियों को हुए नुकसान की वजह से कई इलाकों में पेट्रोल की बिक्री सीमित की जा रही है. कई जगहों पर पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी हैं और कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन खुद रविवार (28 जून 2026) को कहा था कि रूस सही दामों पर ईंधन आयात करने के लिए दूसरे देशों से संपर्क में हैं. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत से करीब 60,000 मीट्रिक टन पेट्रोल रूस के लिए रवाना किया जा चुका है. इसे दो बड़े टैंकरों के जरिए भेजा गया, जिसमें प्रत्येक में 30,000 से 40,000 टन पेट्रोल लोड है.

हर महीने 4 लाख टन पेट्रोल खरीदेगा रूस

रूस हर महीने अलग-अलग देशों से कुल 4 लाख टन पेट्रोल आयात करने की प्लानिंग कर रहा है. रिपोर्ट के अनुसार अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि भारत की कौन-सी रिफाइनरी रूस को इस पेट्रोल की सप्लाई कर रही है. बेलारूस भी रूस को ईंधन संकट से उबारने में मदद कर रहा है. जून के शुरुआती 15 दिनों में बेलारूस ने मॉस्को को रेल के जरिए पेट्रोल की सप्लाई तीन गुना बढ़ाकर 70,000 टन से ज्यादा कर दिया है.

जून में रूस ने भारत भेजा था रिकॉर्ड क्रूड ऑयल

रूस ने ईंधन संकट से निपटने के लिए अपने टैक्स सिस्टम में भी बदलाव किए हैं. नए नियम के तहत भारत की डिलीवरी लागत और कीमतों के आधार पर ईंधन के आयात पर सब्सिडी देने का फैसला किया गया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने की वजह से भारत ने जून के महीन में रूस से रिकॉर्ड स्तर पर क्रूड ऑयल खरीदा. Kpler और LSEG के आंकड़ों के मुताबिक जून में भारत के कुल तेल आयात का आधा से ज्यादा हिस्सा सिर्फ रूस से आया. वहीं मई 2026 में भारत ने रूस से  36.5 फीसदी तेल खरीदा था.

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