• February 13, 2026

रेरा को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी- ‘ आम लोगों को फायदा नहीं, सिर्फ डिफॉल्टर…’

रेरा को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी- ‘ आम लोगों को फायदा नहीं, सिर्फ डिफॉल्टर…’
Share

सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट क्षेत्र को नियंत्रित करने के लिए गठित Real Estate Regulatory Authority (RERA) के कामकाज पर कड़ी नाराजगी जताई है. कोर्ट ने कहा कि रेरा अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है. ऐसा लगता है कि यह घर खरीदारों की सुरक्षा करने के बजाय डिफॉल्ट करने वाले बिल्डरों को ही सुविधा दे रहा है.

गुरुवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि जिन लोगों को राहत मिलनी चाहिए थी, वही आज निराश और परेशान हैं. बेंच ने यह भी कहा अगर रेरा सिर्फ बिल्डरों के हित में काम करता रहा तो ऐसे संस्थान के बने रहने का कोई औचित्य नहीं है.

हिमाचल से जुड़े मामले को लेकर टिप्पणी
कोर्ट की यह टिप्पणी हिमाचल प्रदेश में रेरा ऑफिस को शिमला से धर्मशाला ट्रांसफर करने से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान सामने आई. कोर्ट ने राज्य सरकार के फैसले को मंजूरी दी लेकिन साथ ही रेरा की पूरी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए. कोर्ट ने कहा कि सभी राज्यों को अपने यहां रेरा के गठन पर दोबारा विचार करना चाहिए. अगर ऐसी संस्था को बंद भी कर दिया गया तो कोर्ट को कोई आपत्ति नहीं होगी.

रियल एस्टेट कानून में सुधार के निर्देश 
जजों ने कहा कि रेरा की स्थापना का मकसद रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता लाना, परियोजनाओं में देरी रोकना और घर खरीदारों के अधिकारों की रक्षा करना था, लेकिन जमीनी स्तर पर इसके उलट तस्वीर नजर आ रही है. फिलहाल यह अदालत की मौखिक टिप्पणी है, कोई अंतिम फैसला नहीं. लेकिन कोर्ट की इस सख्त टिप्पणी को रियल एस्टेट कानून में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा सकता है.

ये भी पढ़ें

ज्योतिषी बोला- पत्नि ने जादू टोना किया इसलिए मरे तुम्हारे पिता, बेटी ने बदला लेने के लिए मां को उतारा मौत के घाट



Source


Share

Related post

मॉस्को पहुंचे CJI सूर्यकांत, भारत और रूस के सुप्रीम कोर्ट के बीच हुई डील, जानें इसका क्या होगा

मॉस्को पहुंचे CJI सूर्यकांत, भारत और रूस के…

Share India Russia MoU: भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत इन दिनों रूस के दौरे पर हैं. इस दौरान…
आप वैलेंटाइन डे कैसे भूल गए? जब जज ने वकील से कही ये बात तो ठहाकों से गूंज उठा कोर्टरूम

आप वैलेंटाइन डे कैसे भूल गए? जब जज…

Share अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल होने के पश्चिम बंगाल सरकार के फैसले के…
5 ways IBC transformed India’s corporate rescue system over the past decade

5 ways IBC transformed India’s corporate rescue system…

Share AI generated representative image Ten years ago, India’s insolvency landscape was defined by stalled projects, endless litigation,…