• August 11, 2026

UPI के बढ़ते क्रेज ने घटाई ATM की जरूरत, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन बढ़े और Withdrawl हुआ कम

UPI के बढ़ते क्रेज ने घटाई ATM की जरूरत, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन बढ़े और Withdrawl हुआ कम
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UPI Transaction: भारत में जब से डिजिटल पेमेंट का सिस्टम आया है, तभी से लोगों के बीच इसका जबदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है. कुछ ही सालों में डिजिटल पेमेंट ने लोगों के पैसे खर्च करने और पेमेंट के तरीके को तेजी से बदल दिया. अब लोग नकद पैसे निकालने की जगह UPI QR कोड और ऑनलाइन कार्ड पेमेंट को ज्यादा पसंद कर रहे हैं. इससे देश में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल बढ़ रहा है और ATM और माइक्रो ATM जैसे पुराने तरीकों का इस्तेमाल कम हो रहा है.

RBI ने जारी किए आंकड़े
दरअसल हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इससे जुड़े कुछ आंकड़े भी सामने रखे हैं. इन आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 के आखिर तक देश में UPI QR कोड की संख्या सालाना आधार पर 16.9% बढ़कर 79.26 करोड़ हो गई. वहीं, माइक्रो ATM की संख्या 8.4% घटकर 13.4 लाख से कम रह गई. ऑफ-साइट ATM की संख्या भी 6.8% घटकर 73,426 हो गई. देश में कुल ATM और कैश रीसाइकल करने की संख्या करीब 2.10 लाख पर रही.

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ATM से हो रही कम कैश निकासी
डिजिटल पेमेंट बढ़ने का सीधा असर नकद लेनदेन पर पड़ा है. FY 2025-26 में ATM से पैसे निकालने के लेनदेन की संख्या 11% कम हुई. यानी लोग अब पहले की तुलना में ATM से कम पैसे निकाल रहे हैं. दूसरी ओर, देश में कुल कैशलेस पेमेंट की रकम 22% बढ़ी और इसका अनुपात GDP के करीब 35% तक पहुंच गया.

कार्ड से हो रही पेमेंट
कार्ड से भुगतान करने के तरीके में भी बदलाव देखने को मिला है. क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन खरीदारी के लेनदेन में सालाना 30.6% की बढ़ोतरी हुई. अब क्रेडिट कार्ड से होने वाले कुल खर्च का करीब 63% हिस्सा ऑनलाइन खरीदारी से आता है. इसके विपरीत, दुकानों पर डेबिट कार्ड से होने वाले भुगतान में 12.3% और ATM से डेबिट कार्ड के जरिए पैसे निकालने में 8.6% की कमी आई.

ATM नेटवर्क में बदलाव
बैंक अब ATM की सुविधाओं को भी ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से बदल रहे हैं. बैंक शाखाओं के अंदर लगे ATM और कैश रीसाइकलर की संख्या करीब 3.9% बढ़कर 1.36 लाख हो गई. वहीं, बैंक शाखाओं के बाहर लगे ATM की संख्या 6.8% घट गई. इससे साफ है कि भारत में भुगतान का सिस्टम धीरे-धीरे नकद और मशीनों पर आधारित व्यवस्था से मोबाइल और इंटरनेट आधारित व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है. UPI QR और ऑनलाइन पेमेंट तेजी से बढ़ रहे हैं, जबकि नकद निकालने और पुराने पेमेंट सिस्टम का इस्तेमाल कम हो रहा है.

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