• May 2, 2026

जर्मनी से अपने 5000 सैनिक वापस बुलाएगा अमेरिका, मर्ज से बहस के बाद ट्रंप का बड़ा फैसला!

जर्मनी से अपने 5000 सैनिक वापस बुलाएगा अमेरिका, मर्ज से बहस के बाद ट्रंप का बड़ा फैसला!
Share

अमेरिका अपने करीब 5,000 सैनिकों को जर्मनी से वापस बुलाने की योजना बना रहा है. एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने यह जानकारी दी है, हालांकि उन्होंने नाम नहीं बताने की शर्त पर बात की. अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के हालिया बयान को अमेरिका ने बेकार बताया है.

दरअसल, मर्ज ने इस हफ्ते अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे सैन्य तनाव पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि अमेरिका की रणनीति बिना योजना की लगती है और वह ईरानी नेतृत्व के सामने कमजोर दिख रहा है. इस बयान पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मर्ज को इस मुद्दे की सही समझ नहीं है और वे ईरान के परमाणु इरादों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं.

ये भी पढ़ें: Trump Tariff: डोनाल्ड ट्रंप ने कार-ट्रक के इंपोर्ट पर लगाया 25% टैरिफ तो भड़का यूरोप, EU बोला- हम अपने हितों की रक्षा…

स्पेन और इटली में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर यह भी कहा कि अमेरिका जर्मनी में अपनी सैन्य मौजूदगी कम करने पर विचार कर रहा है और इस पर जल्द फैसला लिया जा सकता है. उन्होंने इशारा दिया कि स्पेन और इटली में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या भी घटाई जा सकती है. ट्रंप ने यूरोप के कुछ देशों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव में पर्याप्त सहयोग नहीं किया. उन्होंने इटली और स्पेन का नाम लेते हुए कहा कि इन देशों ने मदद नहीं की और उनका रवैया ठीक नहीं रहा. उन्होंने सवाल उठाया कि जब सहयोग नहीं मिला तो वहां सैनिक क्यों रखे जाएं.

जर्मनी में 36000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात थे

जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडेफुल ने कहा है कि उनका देश इस स्थिति के लिए तैयार है और अगर अमेरिकी सैनिकों की संख्या घटती है, तो उससे निपटने की तैयारी की जा रही है. ट्रंप पहले भी कह चुके हैं कि जो देश जरूरत के समय अमेरिका का साथ नहीं देते, वहां से सैनिकों को वापस बुलाने पर विचार किया जा सकता है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इस नाराजगी को कई बार जाहिर किया है.

आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल के अंत तक जर्मनी में 36,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात थे. इसके अलावा करीब 1,500 रिजर्व सैनिक और 11,500 नागरिक कर्मचारी भी वहां मौजूद हैं. जर्मनी में अमेरिका के यूरोप और अफ्रीका से जुड़े सैन्य मुख्यालय भी हैं और रामस्टेन एयर बेस वहां का एक अहम केंद्र माना जाता है. अगर यह फैसला लागू होता है तो इससे अमेरिका और यूरोप के रिश्तों पर असर पड़ सकता है और सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव देखने को मिल सकता है.

ये भी पढ़ें: अमेरिका ईरान पर हमला करेगा या नहीं? रिपोर्टर के सवाल पर भड़क गए ट्रंप, कहा- ‘मैं आपको क्यों बताऊंगा’



Source


Share

Related post

आज भी मुंह के बल गिरा सोना, 1300 रुपये से ज्यादा गिरी कीमत; चांदी 3000 से ज्यादा महंगी

आज भी मुंह के बल गिरा सोना, 1300…

Share Show Quick Read Key points generated by AI, verified by newsroom भारत में सोने के दाम घटे,…
ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिसी को झटका, जन्मसिद्ध नागरिकता पर आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द

ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिसी को झटका, जन्मसिद्ध नागरिकता…

Share Show Quick Read Key points generated by AI, verified by newsroom अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप का…
पुतिन के ब्रह्मास्त्र! रूस के वो हथियार जिनसे कांपती है दुनिया, किसी देश को नहीं किए एक्सपोर्ट

पुतिन के ब्रह्मास्त्र! रूस के वो हथियार जिनसे…

Share रूस ने अमेरिका से बढ़ते खतरे को देखते हुए कई बेहद ताकतवर हथियार बनाए हैं. ये हथियार…