• August 29, 2026

US की ‘आर्थिक स्ट्राइक’: महंगाई से सुलग रहा ईरान, ट्रंप ने हांगकांग तक कसा शिकंजा!

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अमेरिका संग युद्ध से ईरान की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है. इसी के मद्देनजर ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई ने सरकार से इन मुश्किलों को दूर करने को कहा है. ईरानी राष्ट्रपति ने बताया कि अमेरिकी प्रतिबंधों और नाकेबंदी की वजह से विदेशी व्यापार 35% कम हो गया है.

ईरान-अमेरिका जंग को 6 महीने हो चुके हैं और बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही है. ऐसे में ट्रंप प्रशासन ने ईरान को आर्थिक रूप से सजा देने की कोशिशें और तेज कर दी हैं. अमेरिका ने इसे इकोनॉमिक D-डे (आर्थिक D-डे) का नाम दिया है.

मिस्र के ‘बैंक मिस्र’ पर प्रतिबंध
अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने तेहरान संग बिजनेस करने पर मिस्र के ‘बैंक मिस्र’ (Banque Misr) पर प्रतिबंध लगा दिए हैं. साथ ही एक ऐसा नियम भी प्रस्तावित किया है जिससे संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद इस बैंक की शाखाएं डॉलर में लेन-देन नहीं कर पाएंगी. मिस्र के सेंट्रल बैंक ने कहा कि वह और विदेश मंत्रालय इस मामले को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं. 

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की वेबसाइट पर जारी एक नोटिस के अनुसार, अधिकारियों ने अलग से हांगकांग की एक कंपनी और ईरान के ‘बैंक मेली’ से जुड़े एक व्यक्ति पर प्रतिबंध लगाए हैं. प्रतिबंधों का यह दौर ईरान की अर्थव्यवस्था पर युद्ध के असर को और बढ़ा रहा है, जहां पिछले महीने सालाना महंगाई दर 66% तक पहुंच गई थी.

मुज्तबा खामेनेई ने क्या कहा
सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने सरकार से आर्थिक मुश्किलों से निपटने को कहा है. खामेनेई के नाम से जारी एक लिखित बयान में कहा गया, “महंगाई, बेरोजगारी, कीमतों का प्रबंधन और सामान व सेवाओं के बाजार जैसी आर्थिक और रोजी-रोटी से जुड़ी चुनौतियों की एक कड़ी से गंभीरता से निपटने की जरूरत है.”

मसूद पेजेश्कियान ने क्या बताया
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सरकारी मीडिया को बताया कि अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी के कारण ईरान के निर्यात और आयात में लगभग 35% की गिरावट आई है. उन्होंने कहा कि जून में अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक अल्पकालिक समझौते के दौरान ईरान लगभग 90 मिलियन बैरल तेल बेचने में सफल रहा. इस समझौते में वॉशिंगटन ने ईरान को तेल बेचने की अनुमति दी थी.

कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने गुरुवार को तेहरान में ईरानी नेताओं से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से खुले तौर पर जहाजों की आवाजाही की युद्ध-पूर्व स्थिति में लौटने के महत्व पर जोर दिया. 

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