• March 18, 2026

कच्चे माल की कीमत बढ़ने से दवाएं भी महंगी, 50 हजार स्ट्रीट फूड वेंडर्स पर संकट

कच्चे माल की कीमत बढ़ने से दवाएं भी महंगी, 50 हजार स्ट्रीट फूड वेंडर्स पर संकट
Share

Dry fruit Prices Surge up: वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष का असर अब दिल्ली की रसोई और कारोबार दोनों पर दिखने लगा है. राष्ट्रीय राजधानी में ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में 20 से 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कारोबारियों का कहना है कि सप्लाई बाधित होने से बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है.

पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक स्थित खारी बावली, जो एशिया का सबसे बड़ा मसाला और ड्राई फ्रूट्स थोक बाजार माना जाता है, वहां हालात सबसे ज्यादा प्रभावित दिख रहे हैं. खारी बावली मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव भाटिया ने कहा,

“ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में 20 से 50 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है क्योंकि संघर्ष के चलते सप्लाई में भारी कमी आ गई है. काजू को छोड़कर ज्यादातर ड्राई फ्रूट्स वेस्ट एशिया से आयात होते हैं और उनकी आपूर्ति लगभग रुक गई है. ईद नजदीक आने से खजूर की मांग बढ़ी है, लेकिन स्टॉक सीमित है.”

थोक बाजारों में अनिश्चितता

खारी बावली में कारोबारी फिलहाल पुराने स्टॉक के सहारे काम चला रहे हैं. एक अन्य थोक व्यापारी ओमेश जैन ने बताया, “हम सीमित स्टॉक के साथ काम कर रहे हैं. बादाम, अंजीर, चिलगोजा, खजूर और कई हर्ब्स की सप्लाई पूरी तरह रुक गई है.” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले हफ्तों में कीमतें और बढ़ सकती हैं.

कारोबारियों के मुताबिक, भारत का ज्यादातर ड्राई फ्रूट और मसाला व्यापार दुबई के जरिए संचालित होता है. मौजूदा संघर्ष के कारण इस ट्रांजिट चैनल में बाधा आने से चांदनी चौक, खारी बावली, भागीरथ पैलेस, कश्मीरी गेट और सदर बाजार जैसे प्रमुख कारोबारी केंद्रों में अनिश्चितता बढ़ गई है.

व्यापार पर 5000 करोड़ का खतरा

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने चेतावनी दी कि अगर संघर्ष लंबा खिंचता है, तो दिल्ली का करीब 5000 करोड़ रुपये का व्यापार और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं. उन्होंने बताया कि ईरान से आयातित पिस्ता, आलूबुखारा, किशमिश, अंजीर, खजूर और ममरा बादाम के दामों में 30 से 40 फीसदी तक उछाल आ चुका है.

दवाओं पर भी असर

संकट का असर सिर्फ खाने-पीने की चीजों तक सीमित नहीं है. CTI के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक गर्ग ने कहा कि केमिकल, प्लास्टिक और एल्युमिनियम जैसे जरूरी कच्चे माल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से फार्मा सेक्टर भी दबाव में है. उन्होंने बताया कि आम दवाओं के कच्चे माल की कीमतें हाल के दिनों में काफी बढ़ी हैं.

“पैरासिटामोल की कीमत करीब 47 फीसदी तक बढ़ गई है, जबकि डाइक्लोफेनाक, डाइक्लोफेनाक पोटैशियम, एमोक्सिसिलिन ट्राइहाइड्रेट और सिप्रोफ्लॉक्सासिन में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज हुई है.”

स्ट्रीट फूड कारोबार पर संकट

CTI के मुताबिक, दिल्ली में करीब 50 हजार स्ट्रीट फूड वेंडर्स काम करते हैं और मौजूदा सप्लाई संकट के कारण इनमें से 20 से 30 फीसदी के बंद होने का खतरा पैदा हो गया है.

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वेस्ट एशिया में तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो इसका असर न सिर्फ ड्राई फ्रूट्स और दवाओं की कीमतों पर, बल्कि राजधानी की पूरी व्यापारिक व्यवस्था और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है. फिलहाल, बाजार में बढ़ती कीमतें और घटती सप्लाई इस बात का संकेत दे रही हैं कि अंतरराष्ट्रीय संकट का असर अब आम उपभोक्ता तक गहराई से पहुंच चुका है.

ये भी पढ़ें: दिल्ली-NCR, मुंबई-बेंगलुरु ही नहीं, छोटे शहरों में भी इंस्टेंट फूड की बिक्री तेज



Source


Share

Related post

देश में भरपूर है पेट्रोल-डीजल, फिर क्यों बढ़ती जा रहीं कीमतें; इंडियन ऑयल ने बताई सच्चाई

देश में भरपूर है पेट्रोल-डीजल, फिर क्यों बढ़ती…

Share Petrol-Diesel: आज शनिवार, 23 मई को देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिर से बढ़ाई दी गईं. पेट्रोल…
Rupee rises 63 paise to close at 95.73 against U.S. dollar

Rupee rises 63 paise to close at 95.73…

Share At the interbank foreign exchange market, the rupee opened at 96.30 against the U.S. dollar. File |…
डील फाइनल के बेहद करीब पहुंचे यूएस-ईरान, असीम मुनीर जल्द जाएंगे तेहरान, ट्रंप ने दिया बड़ा बयान

डील फाइनल के बेहद करीब पहुंचे यूएस-ईरान, असीम…

Share अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ चल रही बातचीत उम्मीद से ज्यादा…