• April 6, 2026

48 घंटे का अल्टीमेटम, ईरान के पीछे चीन-रूस का दम… तो इस वजह से नहीं हो रहा वॉर का ‘The End’!

48 घंटे का अल्टीमेटम, ईरान के पीछे चीन-रूस का दम… तो इस वजह से नहीं हो रहा वॉर का ‘The End’!
Share

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

West Asian Tensions: मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध को शुरू हुए एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक न तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने पर कोई बात बन पाई है और न ही दोनों पक्षों की ओर से युद्ध खत्म करने पर बातचीत सफल हो पाई है. पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किए मिलकर अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध रोकने की मध्यस्थता जरूर कर रहे हैं, लेकिन इस पर भी अब तक कोई स्पष्ट नीति नहीं बनती नजर नहीं आ रही है.

ईरान ने पाकिस्तान के भेजे शांति प्रस्ताव को ठुकराया

ईरान ने पाकिस्तान की मेजबानी में होने वाली बातचीत से पहले इस्लामाबाद की ओर से भेजे गए 15 सूत्री शांति प्रस्ताव को सिरे से ठुकरा दिया है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान ने एक बिचौलिए के जरिए भेजे गए शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. हम अमेरिका की शर्तों पर इस युद्ध को खत्म नहीं करेंगे, कोई भी बातचीत हमारे राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर ही की जाएगी.

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ की अपमानजनक टिप्पणी

वहीं, दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए ईरान ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिखा है. उन्होंने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर कहा कि अगर ईरान मंगलवार (7 अप्रैल, 2026) को रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह) तक होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए कुछ नहीं करता है, तो उनके पास न तो कोई पावर प्लांट बचेगा और न ही कोई पुल सुरक्षित होगा.   

हालांकि, ट्रंप के अल्टीमेटम का ईरान पर कोई खास प्रभाव पड़ता नहीं दिख रहा है. जिसे लेकर ट्रंप काफी ज्यादा भड़क उठे और ईरान के खिलाफ काफी ज्यादा अपमानजनक शब्दों में तीखी टिप्पणी भी की.

ईरान के पीछे चीन-रूस की ताकत?

पश्चिम एशिया में युद्ध को शुरू हुए एक महीने से ज्यादा समय हो चुका है. अमेरिका और इजरायल अपनी पूरी ताकत से ईरान को हराने और तोड़ने की कोशिश में जुटे हुए हैं, लेकिन दो ताकतवर देशों के खिलाफ ईरान युद्ध में अकेला डटा हुआ है. हालांकि, यह भी कहा जा रहा है चीन और रूस इस युद्ध में अप्रत्यक्ष रूप से ईरान को पीछे से सहयोग दे रहे हैं.

ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने रविवार (5 अप्रैल, 2026) को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से फोन पर बातचीत भी की थी. उन्होंने कहा कि इजरायल और यूएस हमारे सभी औद्योगिक ढांचों, फैक्ट्रियों, अस्पतालों, स्कूलों, रिहायशी इलाकों और परमाणु केंद्रों को अपना निशाना बना रहा है. इन दोनों के हमलों का असर पूरे इलाके और दुनिया की स्थिरता और सुरक्षा पर पड़ सकता है.

क्यों खत्म नहीं हो रहा युद्ध?

अमेरिका और ईरान के बीच ये युद्ध अब जीत-हार से ज्यादा अहम (घमंड) की पुष्टि का प्रतीत हो रहा है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे को झुकाने में जुटे हुए हैं और अपने कदम पीछे हटाने के लिए तैयार नहीं है. डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को पीछे हटने के लिए धमकियां दे रहे हैं, वहीं ईरान ने भी स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.

यह भी पढ़ेंः आखिर ट्रंप ने जंग के बीच क्यों लिया अल्लाह का नाम, सुनते ही दुनियाभर में मच गया बवाल



Source


Share

Related post

ट्रंप पर बीते 3 साल में 3 बार हमले का प्रयास, डिनर कार्यक्रम में हमलावर कौन?

ट्रंप पर बीते 3 साल में 3 बार…

Share अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप शनिवार की रात व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन के डिनर कार्यक्रम में हिस्सा…
क्या है आपके शहर में आज गैस सिलेंडर की कीमत? जानें लेटेस्ट कीमत

क्या है आपके शहर में आज गैस सिलेंडर…

Share LPG cylinder price on 25 April: आज 25 अप्रैल को भारत के तमाम बड़े शहरों में घरेलू…
ईरान में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट, इजरायल बोला- वॉर के लिए US के ग्रीन सिग्नल का इंतजार

ईरान में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट, इजरायल बोला-…

Share US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी ने एक बार फिर हालात को बेहद…