• January 1, 2026

गोविंदा से घर के काम कराती थीं उनकी मां, एक्टर बोले- ‘वो मुझे बेटे की बजाय बहू की तरह रखती थीं’

गोविंदा से घर के काम कराती थीं उनकी मां, एक्टर बोले- ‘वो मुझे बेटे की बजाय बहू की तरह रखती थीं’
Share

बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा ने इंडस्ट्री में नाम कमाने के लिए कड़ी मेहनत और संघर्षों को झेला है. एक पुराने इंटरव्यू में गोविंदा ने अपने शुरुआती दिनों के बारे में बात की थी, जिसमें उन्होंने मुंबई की लोकल ट्रेन से जुड़ा एक किस्सा साझा किया. उन्होंने बताया कि कैसे आम आदमी की तरह सफर करते हुए उन्होंने मुंबई की असली जिंदगी को करीब से देखा और महसूस किया.

गोविंदा ने लहरें टीवी को दिए गए इंटरव्यू में कहा था- ‘अपने करियर की शुरुआत में मैंने आम लोगों की तरह लोकल ट्रेन में सफर किया. लोकल ट्रेन मुंबई शहर की धड़कन है. एक बार मैं पहली बार चर्चगेट गया था और भीड़ भरी ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा था. उस वक्त मेरी उम्र लगभग 18 या 19 साल की होगी, तब मैं काफी फिट और ताकतवर हुआ करता था. मुझे तब फुटबॉल खेलने और कसरत करने का शौक था.’

‘जैसे ही मैं गिरा, मेरी मां घबरा गईं…’
गोविंदा ने आगे कहा था- ‘चर्चगेट जाना मेरे लिए बिल्कुल नया अनुभव था. पहले मैं अपने भाइयों के साथ वहां गया और बाद में अपनी मां को भी साथ लेकर गया. लेकिन, लोकल ट्रेन की भीड़ इतनी ज्यादा थी कि ट्रेन में चढ़ते वक्त मेरा संतुलन बिगड़ गया और मैं गिर पड़ा. ये मेरे लिए सामान्य था, लेकिन मेरी मां के लिए बेहद डरावना था. जैसे ही मैं गिरा, मेरी मां घबरा गईं और मदद के लिए जोर-जोर से चिल्लाने लगीं, मेरा बच्चा! मेरा बच्चा! ये सुनकर स्टेशन पर मौजूद लोग घबरा गए और इधर-उधर देखने लगे, उन्हें लगा कि कोई छोटा बच्चा खो गया है.’

गोविंदा ने मुस्कुराते हुए कहा था- ‘जब लोगों ने पीछे मुड़कर देखा, तो पाया कि गिरने वाला कोई छोटा बच्चा नहीं, बल्कि एक लंबा-चौड़ा, मजबूत जवान लड़का है. भले ही मैं जवान था, लेकिन मैं मां के लिए हमेशा उनका छोटा बच्चा ही रहूंगा.’

‘मां मुझे बेटे की बजाय बहू की तरह रखती…’
इस बातचीत के दौरान गोविंदा ने अपनी जिंदगी के सफर के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा- ‘विरार से मुंबई और फिर आगे का सफर करीब 21 सालों का रहा. मैं 21 साल तक विरार में रहा. गांव में सभी लोग जानते थे कि मैं अपनी मां के बहुत करीब हूं. मेरी मां मुझसे रोजाना घर का काम करवाती थीं और मैं बहुत आज्ञाकारी बच्चा था, बिना किसी शिकायत के हर काम करता था. गांव के लोग मजाक में कहा करते थे कि मां मुझे बेटे की बजाय बहू की तरह रखती हैं.’

कैसा था गोविंदा का शुरुआती करियर?
गोविंदा ने बताया- ‘उस उम्र में मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं एक दिन अभिनेता बनूंगा. मैं एक छोटे शहर में पढ़ाई कर रहा था और मुझे डांस करने का शौक था. जब मैं मुंबई आया, तो यहां संघर्ष शुरू हुआ. लेकिन किस्मत ने मेरा साथ दिया और महज दो से तीन महीनों के भीतर ही मुझे पहली फिल्म मिल गई. यहीं से मेरे अभिनय करियर की शुरुआत हुई. जब मैं पहली बार हीरो बना, तो सच में खुशी महसूस हुई. आज इतने सालों बाद भी जब मैं अपने शुरुआती संघर्ष और लोकल ट्रेन के उन दिनों को याद करता हूं, तो वह दौर मुझे अपने जीवन का सबसे खूबसूरत मोड़ लगता है.’



Source


Share

Related post

PoJK में तीसरे दिन भी खूनी कार्रवाई, PAK रेंजर्स की फायरिंग में मारे गए 36 कश्मीरी

PoJK में तीसरे दिन भी खूनी कार्रवाई, PAK…

Share पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में आज भी पाकिस्तानी रेंजर्स और एफसी की गोलीबारी जारी रही.…
पूर्व अग्निवीरों के लिए गुडन्यूज! SSB भर्ती में हुआ ये बड़ा बदलाव

पूर्व अग्निवीरों के लिए गुडन्यूज! SSB भर्ती में…

Share भारत सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों यानी सीएपीएफ्स और असम राइफल्स यानी एआर में कांस्टेबल (जनरल…
‘पोस्ट गुमराह करने वाली है..’ विदेश मंत्रालय ने CJP प्रदर्शन से जुड़े वायरल पोस्ट पर रिएक्शन

‘पोस्ट गुमराह करने वाली है..’ विदेश मंत्रालय ने…

Share सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में कथित विदेशी फंडिंग से जुड़े दावे विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल…