• June 24, 2026

मॉस्को पहुंचे CJI सूर्यकांत, भारत और रूस के सुप्रीम कोर्ट के बीच हुई डील, जानें इसका क्या होगा

मॉस्को पहुंचे CJI सूर्यकांत, भारत और रूस के सुप्रीम कोर्ट के बीच हुई डील, जानें इसका क्या होगा
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India Russia MoU: भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत इन दिनों रूस के दौरे पर हैं. इस दौरान भारत के सुप्रीम कोर्ट और रूस के सुप्रीम कोर्ट के बीच न्यायिक सहयोग को मजबूत बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. मॉस्को में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और रूस के सुप्रीम कोर्ट के चेयरमैन इगोर क्रासनोव ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए. दोनों देशों की सर्वोच्च अदालतों के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में यह अपनी तरह का पहला समझौता है.

कई क्षेत्रों में बढ़ेगा न्यायिक सहयोग

भारत और रूस के सुप्रीम कोर्ट के बीच हुए इस समझौते के तहत दोनों देशों की न्यायिक संस्थाएं कई क्षेत्रों में एक-दूसरे का सहयोग करेंगी. इसमें सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग, न्यायिक अनुभवों के आदान-प्रदान और न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा.

समझौते के तीन प्रमुख क्षेत्र

इस समझौते के तहत तीन प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा.

  • न्यायिक अनुभवों का आदान-प्रदान
  • अदालतों में सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग
  • पेशेवर प्रशिक्षण और कर्मचारियों का विकास

भारत और रूस के सामने समान चुनौतियां

बैठक के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि भारत और रूस जैसे बड़े और विविधता वाले देशों में न्याय व्यवस्था का संचालन अपने आप में बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने दोनों देशों की न्यायिक व्यवस्थाओं के बीच कई समानताओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि न्यायिक अकादमियों के बीच सहयोग, संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम, शोध कार्य और दोनों देशों की न्यायिक प्रणालियों के बेहतर अनुभवों को साझा करने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं.

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न्यायिक संस्थाओं को मिलेगा सहयोग का लाभ

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि भारत और रूस के सुप्रीम कोर्ट के बीच निरंतर संवाद और सहयोग से दोनों देशों की न्यायिक संस्थाएं और मजबूत होंगी. इससे न्याय देने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और बेहतर बनेगी. उन्होंने कहा कि दोनों देशों की कानूनी परंपराएं भले ही अलग-अलग ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से विकसित हुई हों, लेकिन आज दोनों देशों की न्यायिक संस्थाओं के सामने जनता का भरोसा बनाए रखने और तेजी से बदलती दुनिया के अनुरूप खुद को ढालने जैसी चुनौतियां समान हैं.

अदालतों में तकनीक के बढ़ते उपयोग पर जोर

बैठक में न्यायिक व्यवस्था में तकनीक और विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर भी चर्चा हुई. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि न्याय व्यवस्था को तकनीक का संतुलित और जिम्मेदार उपयोग करना होगा. उन्होंने कहा कि न्याय का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि तकनीकी बदलावों को मानवीय मूल्यों के साथ किस प्रकार जोड़ा जाता है. तकनीक अदालतों तक पहुंच को आसान बनाती है, लेकिन न्याय प्रदान करना हमेशा एक मानवीय प्रक्रिया ही रहेगा.

भारत में तेजी से हो रहा न्यायपालिका का डिजिटलीकरण

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि भारत में अदालतों के डिजिटलीकरण का उद्देश्य न्याय तक पहुंच को आसान और प्रभावी बनाना है, न कि न्याय के मूल सिद्धांतों को बदलना. उन्होंने बताया कि भारतीय न्यायपालिका में ई-फाइलिंग, ऑनलाइन सुनवाई, रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण, एआई आधारित अनुवाद और वर्चुअल न्यायिक सहायता जैसी सुविधाएं लगातार बढ़ाई जा रही हैं.

वन केस, वन डेटा पहल का किया जिक्र

मॉस्को में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने “वन केस, वन डेटा” पहल का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य सभी न्यायिक प्लेटफॉर्म पर प्रत्येक मामले के लिए एक मानकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन मध्यस्थता और सुलह प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने के लिए भी तकनीक का तेजी से उपयोग किया जा रहा है. इससे न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी आएगी और विवादों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सकेगा.



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