• January 15, 2026

खामेनेई सरकार के खिलाफ सबसे बड़ा प्रदर्शन, भारत पर क्या असर, कितनी बढ़ेगी महंगाई

खामेनेई सरकार के खिलाफ सबसे बड़ा प्रदर्शन, भारत पर क्या असर, कितनी बढ़ेगी महंगाई
Share

ईरान में दिसंबर 2025 से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुके हैं. ये प्रदर्शन 100 से ज्यादा शहरों में पहुंच गए हैं और ईरान की सरकार के खिलाफ सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं. ये 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद सबसे बड़ा विरोध माना जा रहे है. भारत के लिए ये स्थिति बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि ईरान से भारत के कई रणनीतिक और आर्थिक हित जुड़े हुए हैं.

ईरान में विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?

ईरान में प्रदर्शन मुख्य रूप से आर्थिक समस्याओं से शुरू हुए. ईरानी मुद्रा (रियाल) की भारी गिरावट, महंगाई, बेरोजगारी और खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतों से लोग नाराज हैं. शुरुआत तेहरान के ग्रैंड बाजार से हुई, जहां दुकानदारों ने हड़ताल की.

जल्द ही ये प्रदर्शन राजनीतिक हो गए और सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के शासन के खिलाफ नारे लगने लगे. इसमें महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी है. सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक हजारों मौतें और हजारों गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. इंटरनेट ब्लैकआउट भी लगा हुआ है, जिससे जानकारी मिलना मुश्किल हो रहा है.

भारत के लिए ईरान अहम क्यों है?

भारत और ईरान के बीच मजबूत रणनीतिक और व्यापारिक रिश्ते हैं…

  • चाबहार बंदरगाह: भारत ने इस बंदरगाह में 500 मिलियन डॉलर (लगभग 4,000 करोड़ रुपए) का निवेश किया है. ये बंदरगाह भारत को पाकिस्तान को बायपास करके अफगानिस्तान, मध्य एशिया, रूस और यूरोप तक पहुंच देती है. ये भारत की ‘कनेक्ट सेंट्रल एशिया’ नीति का बड़ा हिस्सा है. चाबहार से जुड़ी चाबहार-जाहेदान रेल लाइन का काम 2026 के मध्य तक पूरा होने वाला है.
  • इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC): ईरान के जरिए भारत से रूस और यूरोप तक माल जल्दी और सस्ता पहुंचता है. इससे समय 40% और खर्च 30% तक कम होता है.
  • तेल और व्यापार: अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद भारत, ईरान से तेल आयात करता रहा है. साथ ही सूखे मेवे और चावल जैसे सामान का निर्यात होता है. ईरान भारत का बड़ा व्यापारिक साथी है.

इसके अलावा BRICS और SCO जैसे मंचों पर ईरान भारत का महत्वपूर्ण सहयोगी है.

प्रदर्शन भारत को फायदा पहुंचा सकते हैं या नुकसान?

अगर ईरान में अस्थिरता से नई सरकार बने जो भारत के साथ ज्यादा मजबूत संबंध चाहे, तो चाबहार और INSTC परियोजनाएं तेज हो सकती हैं. व्यापार बढ़ सकता है. लेकिन-

  • अस्थिरता से चाबहार परियोजना में देरी हो सकती है. रेल लाइन और बंदरगाह का काम रुक सकता है.
  • तेल की कीमतों में वैश्विक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे भारत को तेल महंगा पड़ेगा.
  • अमेरिकी प्रतिबंध (CAATSA) पहले की तरह फिर से सक्रिय हो सकते हैं.
  • चीन को फायदा मिल सकता है, क्योंकि वो पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह पर काम कर रहा है. यह चाबहार से सिर्फ 170 किमी दूर है.
  • भारत से ईरान को बासमती चावल निर्यात रुक गया है, जिससे निर्यातकों का पैसा फंस सकता है और किसानों पर असर पड़ सकता है.
  • ईरान में हजारों भारतीय (खासकर छात्र) फंसे हैं. भारत सरकार ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है और दूतावास से संपर्क में रहने को कहा है.

ईरान के हालात पर भारत सरकार की प्रतिक्रिया क्या है?

भारत सरकार ईरान के हालात पर नजर रखे हुए है. विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहने और दूतावास से संपर्क में रहने की सलाह दी है. भारत ने ईरान के साथ संबंध बनाए रखने पर जोर दिया है, लेकिन फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ नीति अपना रहा है.

कुल मिलाकर, ईरान में जारी ये विरोध प्रदर्शन भारत के लिए चुनौती भरे हैं. चाबहार और INSTC जैसे प्रोजेक्ट भारत की क्षेत्रीय पहुंच के लिए बहुत जरूरी हैं. अगर हालात जल्दी सामान्य हुए तो ठीक, वरना लंबे समय तक आर्थिक और रणनीतिक नुकसान हो सकता है.



Source


Share

Related post

Congress warns Punjab dissidents against indiscipline, armtwisting, gives no assurances

Congress warns Punjab dissidents against indiscipline, armtwisting, gives…

Share NEW DELHI: Congress is learnt to have sternly told the dissenting Punjab leaders to stick with party…
Congress to join NC’s Jantar Mantar protest on Monday, BJP plans secretariat gherao

Congress to join NC’s Jantar Mantar protest on…

Share SRINAGAR: Politics is heating up in J&K ahead of NC’s proposed protest at Jantar Mantar in New…
Omar Abdullah asks Centre to take humanitarian view on Wangchuk

Omar Abdullah asks Centre to take humanitarian view…

Share SRINAGAR: Expressing concern over Sonam Wangchuk’s deteriorating health owing to his prolonged hunger strike, J&K chief minister…