• June 5, 2026

दुनिया में भारत का वर्चस्व, चीन बड़ा खिलाड़ी, पुतिन ने ट्रंप को चेताया- तेल की कीमतें बढ़ी तो.

दुनिया में भारत का वर्चस्व, चीन बड़ा खिलाड़ी, पुतिन ने ट्रंप को चेताया- तेल की कीमतें बढ़ी तो.
Share

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को सेंट पीटर्सबर्ग अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मंच (SPIEF) से दुनिया बढ़ती भारत की साख और चीन को लेकर बयान दिया. उन्होंने एक बार फिर कहा कि 1947 से ही भारत और रूस के बीच भाईचारे वाले संबंध रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘हम जानते हैं कि भारतीय लोग कितने प्रतिभाशाली और अच्छी तरह से शिक्षित हैं. भारतीयों में बेहतरीन क्षमताएं हैं, जिन्होंने दुनिया भर में ख्याति हासिल की है, खासकर कोडिंग और अन्य क्षेत्रों में.’

रूस ने भारत में 25 अरब डॉलर का निवेश किया: पुतिन

पुतिन ने कहा कि रूस की बड़ी तेल कंपनी रोजनेफ्ट ने भारत की अर्थव्यवस्था में 25 अरब डॉलर का निवेश किया, जिसका उपयोग तेल रिफाइनरी, बंदरगाह और गैस स्टेशन (पेट्रोल पंप) बनाने में किया गया है. मिडिल ईस्ट की स्थितियों की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसी स्थिति में रूस, भारत को ऊर्जा (तेल और गैस) की सप्लाई बढ़ाकर और अपनी तकनीक शेयर करके एक मददगार दोस्त की तरह साथ दे रहा है. दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं ताकि इसके अच्छे नतीजे मिल सकें और भविष्य में यह सहयोग और अधिक मजबूत हो सके’

बाहरी दवाब के आगे भारत नहीं झुकता: पुतिन

पुतिन ने एक बार फिर कहा कि भारत एक ऐसा देश है जो कभी भी किसी बाहरी दवाब के आगे नहीं झुकता है. चीन को लेकर पुतिन ने कहा, ‘वह भी अपनी संप्रभुता और खुद के फैसले आजाद होकर लेता है. चीन अपनी ताकत के कारण किसी बाहरी नियंत्रण में नहीं आता.’

रूस-चीन संबंध पर क्या बोले पुतिन?

पुतिन ने कहा कि रूस-चीन के बीच ऊर्जा और हाई-टेक क्षेत्र में बराबर की पार्टनरशिप है. रूस से चीन को भेजी जाने वाली हाई-टेक मशीनों और उपकरणों की मात्रा लगातार बढ़ रही है. रूस, चीन में परमाणु बिजली घर (Nuclear Power Plant) बना रहा है. इसमें 4 ब्लॉक पहले से ही काम कर रहे हैं और 4 अन्य ब्लॉक रूसी तकनीक के आधार पर अभी बनाए जा रहे हैं. दोनों देश आपस में जानकारी, डेटा और तकनीक साझा करते हैं और भविष्य में भी इसे जारी रखेंगे.

अमेरिका को पुतिन की नसीहत

पुतिन ने चेतावनी दी है कि तेल की बढ़ती कीमतें ग्लोबल महंगाई को बढ़ावा दे सकती हैं. उन्होंने कहा, ‘अगर तेल की कीमतें ऊंची रहती हैं तो इसका असर पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है. इससे दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं, खासकर अमेरिका में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है. अमेरिकी डॉलर अब सोने (Gold Standard) पर आधारित नहीं है. इसकी मजबूती और स्थिरता पूरी तरह से अमेरिकी अर्थव्यवस्था के भरोसे और स्थिरता पर टिकी है.’

उन्होंने कहा, ‘अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के लिए महंगाई का कम होना सबसे जरूरी शर्त है. अगर तेल महंगा होता है और महंगाई बढ़ती है तो इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की बुनियाद को खतरा पहुंच सकता है. इन आर्थिक मुश्किलों से बचने के लिए तेल क्षेत्र में स्थिरता लाना बहुत जरूरी है.’

ये भी पढ़ें : ईरान के सुप्रीम लीडर ने 2,000 से ज्यादा कैदियों को क्यों दी माफी? जानें किन अपराधों में हुए थे गिरफ्तार



Source


Share

Related post

60 दिन का वक्त चाहते हैं ट्रंप? रूस…

Share अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस पर प्रतिबंध लगाने और दूसरे देशों…

‘Katie, Do You Need This?’: What Trump Said…

Share News world ‘Katie, Do You Need This?’: What Trump Said To White House Press Secretary Before She…

Trump’s press secretary Katie Zacharia ‘let go’ five…

Share Zacharia’s brief tenure was marked by questions about her credentials and her handling of her first press…