• June 1, 2026

अमेरिका-ईरान युद्ध की तपिश और कमजोर मानसून का अनुमान, जानें बाजार की गिरावट के कारण

अमेरिका-ईरान युद्ध की तपिश और कमजोर मानसून का अनुमान, जानें बाजार की गिरावट के कारण
Share

Stock Market: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ. दिन की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन हाई लेवल पर बिकवाली बढ़ने से बाजार दबाव में आ गया. जिसके दो प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं. पहला तो ईरान और यूएस के बीच चल रहा युद्ध और दूसरा बड़ा कारण है, मौसम का बदलता हुआ मिजाज.

कितने पर बंद हुआ बाजार

  • NIFTY 50 0.70% गिरकर 23,382.60 पर बंद हुआ.
  • BSE सेंसेक्स 508 अंक यानी 0.68% पर टूटकर 74,267.35 पर बंद हुआ.
  • Nifty Bank 1.10% की गिरावट के साथ बंद हुआ.
  • बाजार में डर का संकेत देने वाला India VIX 2.16% बढ़कर 16.54 पर पहुंच गया.

ये भी पढ़ें: IPL RCB: सिर्फ ट्रॉफी नहीं, कमाई में भी नंबर वन बनी विराट की आरसीबी, कमाया 400 करोड़ का बंपर मुनाफा

ये हैं शेयर बाजार के गिरने की वजह
शेयर बाजार के गिरने के पीछे की कई वजहें हैं. आइये बताते हैं:

अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता
बाजार पर सबसे बड़ा दबाव अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का रहा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के कुछ सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी बेस को निशाना बनाने का दावा किया. इस तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से, आयात बिल बढ़ सकता है, रुपये पर दबाव पड़ सकता है, महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है, इसी वजह से निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया.

कमजोर मानसून के अनुमान ने बढ़ाई चिंता
IMD ने मानसून का अनुमान घटाकर दीर्घकालिक औसत का 90% कर दिया है. कम बारिश होने पर किसानों की आय प्रभावित हो सकती है, कृषि उत्पादन घट सकता है, ग्रामीण क्षेत्रों में खर्च कम हो सकता है. इसका असर FMCG, ट्रैक्टर, दोपहिया वाहन, उर्वरक और एग्रोकेमिकल कंपनियों पर पड़ सकता है.

ऑटो बिक्री के आंकड़े मिले-जुले रहे
मई महीने के ऑटो बिक्री आंकड़ों ने निवेशकों को पूरी तरह आश्वस्त नहीं किया. मारुति सुजुकि, ह्युंडई मोटर इंडिया और टीवीएस मोटर कंपनी ने बिक्री में वृद्धि दर्ज की, लेकिन Ashok Leyland की कुल बिक्री 4% घट गई. एस्कॉर्ट कुबोता ने बढ़ती लागत और कमजोर कृषि बाजार को लेकर चिंता जताई. इससे ऑटो सेक्टर में निवेशकों का भरोसा कमजोर रहा.

ये भी पढ़ें: TCS vs Infosys: टीसीएस है देश की सबसे बड़ी IT कंपनी, लेकिन इंफोसिस के CEO सलिल पारेख की सैलरी 3 गुना ज्यादा क्यों?

GST कलेक्शन की रफ्तार धीमी पड़ी
मई 2026 में भारत का GST संग्रह 1.94 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 3.2% ज्यादा है. हालांकि अप्रैल में GST कलेक्शन रिकॉर्ड 2.42 लाख करोड़ रुपये था. ऐसे में मई के आंकड़ों ने संकेत दिया कि आर्थिक गतिविधियों और मांग की रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है.

कौन से सेक्टर हुए सबसे ज्यादा प्रभावित?

  • निफ्टी FMCG 2.3% टूटकर सबसे बड़ा नुकसान उठाने वाला सेक्टर रहा.
  • वहीं निफ्टी IT 2.5% से ज्यादा चढ़कर सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बना.

सोमवार को आई गिरावट का कारण
बता दें कि सोमवार की गिरावट के पीछे अमेरिका-ईरान तनाव, तेल की बढ़ती कीमतें, कमजोर मानसून का अनुमान, मिले-जुले ऑटो बिक्री आंकड़े और GST कलेक्शन की धीमी रफ्तार जैसे कई कारण रहे. हालांकि आईटी शेयरों में मजबूती देखने को मिली, लेकिन बाजार के अधिकांश सेक्टर दबाव में रहे और व्यापक बिकवाली देखने को मिली.



Source


Share

Related post

Share Market: मिडिल क्लास निवेशकों को झटका, इक्विटी पर LTCG टैक्स खत्म नहीं करेगी सरकार

Share Market: मिडिल क्लास निवेशकों को झटका, इक्विटी…

Share Share Market: पिछले कुछ दिनों से खबरें सामने आ रही थीं कि सरकार जल्दी ही शेयर बाजार…
US-Iran War Live Updates: Iran Attacks Jordan, Three Missiles Shot Down

US-Iran War Live Updates: Iran Attacks Jordan, Three…

Share US-Iran War Latest News Updates Today Live: The United States Central Command (CENTCOM) said Saturday that it was…
Nigerian children pay the price for Iran war as malnutrition, poverty surge

Nigerian children pay the price for Iran war…

Share Maryam Aminu was hardly surprised when the last of her six children was diagnosed with malnutrition in…