• June 27, 2026

नहीं रहे रूस के पूर्व उप-प्रधानमंत्री इवानोव, कभी पुतिन के माने जाते थे सबसे मजबूत उत्तराधिकारी

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  • राष्ट्रपति पुतिन, विदेश मंत्री लावरोव ने श्रद्धांजलि व्यक्त की।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे करीबी कहे जाने वाले देश के पूर्व रक्षा मंत्री सर्गेई इवानोव का शुक्रवार (26 जून, 2026) को 73 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. इवानोव उस प्रभावशाली ग्रुप के प्रमुख सदस्य थे, जिसे सिलोविकी या ताकतवर लोग कहा जाता है. इस ग्रुप के सदस्य राष्ट्रपति पुतिन की तरह, सोवियत संघ की खुफिया एजेंसी केजीबी (KGB) से उभरकर आए थे और पुतिन की सत्ता में आने के बाद रूस की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था पर उनका बड़ा प्रभाव रहा. इसी ग्रुप के सदस्य सर्गेई इवानोव, जिन्हें कभी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाता था.

पुतिन ने पूर्व रक्षा मंत्री के प्रति जताई संवेदनाएं

रॉयटर्स के मुताबिक, इवानोव के निधन के बाद क्रेमलिन ने शुक्रवार (26 जून, 2026) को एक छोटा सा आधिकारिक बयान जारी कर इस बारे में जानकारी साझा की. बयान में क्रेमलिन ने कहा, ‘व्लादिमीर पुतिन ने सर्गेई इवानोव की मौत पर उनके परिजन और दोस्तों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं.’

हालांकि, दिलचस्प बात यह रही कि इवानोव के निधन के बारे में सबसे पहली घोषणा वीटीबी यूनाइटेड लीग नाम के एक बास्केटबॉल ऑर्गनाइजेशन ने की, जिसके इवानोव मानद अध्यक्ष रहे हैं. इस ऑर्गनाइजेशन की घोषणा के बाद क्रेमलिन ने उनके निधन की पुष्टि की.

रूस को मजबूत करने में इवानोव का महत्वपूर्ण योगदान- लावरोव

रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी पूर्व रक्षा मंत्री के निधन पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं. उन्होंने अपने शोक संदेश में इवानोव को एक बेहतरीन राजनेता करार दिया, जिन्होंने आधुनिक रूस के विकास में अमूल्य व्यक्तिगत योगदान दिया.

उन्होंने विदेश मंत्रालय के वेबसाइट पर लिखा, ‘उन्होंने हमारे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षमता को मजबूत करने, दुनिया में हमारी स्थिति को और ज्यादा मजबूत करने के साथ-साथ घरेलू मिलिट्री-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स के आधुनिकीकरण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया.’ 

इवानोव क्यों माने जाते थे व्लादिमीर पुतिन के उत्तराधिकारी?

रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन की तरह ही लेनिनग्राद (वर्तमान में सेंट पीटर्सबर्ग) में जन्मे इवानोव ने भाषाओं की पढ़ाई की, जिसके बाद उन्हें केजीबी में भर्ती किया गया. अपने करियर की शुरुआत में इवानोव ने पुतिन के काम किया. वहीं, सोविसत संघ के टूटने के बाद इवानोव केजीबी की उत्तराधिकारी एजेंसियों में आगे बढ़ते हुए पुतिन के नेतृत्व में FSB सिक्योरिटी सर्विस के डेप्यूटी डायरेक्टर बने. इसके बाद साल 2001 में वह पुतिन के नेतृत्व में रूस के रक्षा मंत्री के रूप में नियुक्त हुए और आधुनिक रूसी इतिहास में इस पद पर पहुंचने वाले पहले नागरिक बने.

साल 2005 में इवानोव को देश का उप-प्रधानमंत्री बनाया गया और 2007 में फिर उन्हें पहले उप-प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया. उस वक्त जब पुतिन को अपने दो राष्ट्रपति कार्यकाल पूरे करने के बाद पद छोड़ना पड़ा था, तब इवानोव को उनके संभावित उत्तराधिकारियों में सबसे मजबूत दावेदारों में से एक माना जाता था. हालांकि, बाद में पुतिन ने दिमित्री मेडवेडेव को अपना उत्तराधिकारी चुना. 

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