• February 5, 2025

बजट 2025 में गिग वर्कर्स के लिए ये हैं प्रावधान

बजट 2025 में गिग वर्कर्स के लिए ये हैं प्रावधान
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Budget 2025 for Gig workers: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी, 2025 को देश का आम बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार 1 करोड़ गिग वर्कर्स को पहचान पत्र दिलाने के साथ ही ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी मुहैया कराएगी. इन्हें पीएम जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) के तहत स्वास्थ्य लाभ भी मिलेगा. 

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसके तहत सूचीबद्ध माध्यमिक और तृतीयक अस्पताल में एडमिट होने पर सालाना हर परिवार को 5 लाख रुपये तक का बीमा कवरेज प्रदान किया जाता है. ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्टर्ड मेंबर्स पीएम जन आरोग्य योजना के तहत दी जाने वाली बीमा कवरेज का इस्तेमाल कर सकेंगे. 

ई-श्रम प्लेटफॉर्म क्या है?

भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए ई-श्रम प्लेटफॉर्म का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है. इसके जरिए सरकारी कल्याण कार्यक्रमों तक इनकी पहुंच आसान हो जाती है. यह वर्कर्स का एक डेटाबेस बनाए रखता है. 

ई-श्रम पर खुद को रजिस्टर कैसे करें?

इसके लिए मोबाइल से लिंक्ड आधार कार्ड नंबर, IFSC कोड के साथ सेविंग्स बैंक अकाउंट नंबर, अगर किसी के पास आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर नहीं है, तो वह किसी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या राज्य सेवा केंद्र (SSK) पर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए खुद को रजिस्टर्ड करा सकता है. 

ई-श्रम कार्ड के लिए ऑनलाइन कैसे करें अप्लाई?

  • सबसे पहले ई-श्रम पोर्टल www.eshram.gov.in पर सेल्फ-रजिस्ट्रेशन पेज पर जाए
  • अब आधार से लिंक्ड अपना फोन नंबर दर्ज करें और Send OTP ऑप्शन पर क्लिक करें
  • नियम और शर्तों से सहमत होने के साथ ही मोबाइल पर भेजे गए OTP को दर्ज करें और अपना आधार नंबर लिखें
  • अब स्क्रीन पर दिखाए जा रहे अपने पर्सनल डेटा को वेरिफाई करें
  • इसके बाद अपना एड्रेस, एजुकेश्नल क्वॉलिफिकेशन, नॉमिनी डिटेल्स, बैंक डिटेल्स भरें और सबमिट पर क्लिक करें
  • इसी के साथ आप गिग वर्कर के तौर पर किस तरह का काम करते हैं उसका भी जिक्र करना न भूलें
  • प्रॉसेस पूरा होने के बाद आपको आपका ई-श्रम कार्ड मिल जाएगा

क्या होते हैं गिग वर्कर्स?

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले कर्मचारियों को गिग वर्कर्स कहते हैं, जो स्थायी कर्मचारी के तौर पर नहीं, बल्कि फ्रीलांसर के रूप में काम करते हैं. परमानेंट कर्मचारियों की तरह कंपनी इन्हें वेतन या भत्ते का भुगतान नहीं करती है. ये जितना काम करते हैं बस उतने तक का ही पैसा मिलता है. हमारे देश में ऑनलाइन फूड डिलीवरी पार्टनर्स, ई-कॉमर्स सामान की डिलीवरी करने वाले, ड्राइवर गिग वर्कर्स के तौर पर काम करते हैं.

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