• April 21, 2026

किराए से कमाई का ‘गोल्डन रूल’, जानिए कैसे कमर्शियल प्रॉपर्टी दे रही है रेजिडेंशियल से 3 गुना

किराए से कमाई का ‘गोल्डन रूल’, जानिए कैसे कमर्शियल प्रॉपर्टी दे रही है रेजिडेंशियल से 3 गुना
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  • स्थिरता और जोखिम: रेजिडेंशियल में आय स्थिर, कमर्शियल में मंदी का खतरा.

Real Estate Investment: आज कल लोग अपने फ्यूचर के लिए इन्वेस्टमेंट करना पसंद करते हैं. काफी लोग रियल एस्टेट में इन्वेस्ट करते है, लेकिन यह कोई छोटा फैसला नहीं होता है. क्योंकि इसमें लाखों-करोड़ों रुपये तक लगते हैं. इसलिए लोग हमेशा सोचते हैं कि रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी लें या कमर्शियल? रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की बात करें तो यह स्थिर होती है, जबकि कमर्शियल प्रॉपर्टी में कमाई ज्यादा लेकिन साथ ही जोखिम भी ज्यादा होता है.

रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टी से होने वाली आमदनी में क्या फ़र्क है?

क्लेरिसा ग्रुप के डायरेक्टर और CEO हर्षल दिलवाली के मुताबिक, इन दोनों में सबसे बड़ा फर्क कमाई के तरीके में होता है. रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी से आमतौर पर 50 लाख के फ्लैट पर 15-20 हजार रुपये महीना किराया मिल सकता है. वहीं अगर बात करें कमर्शियल प्रॉपर्टी की जैसे दुकान या फिर ऑफिस से 2-3 गुना ज्यादा कमाई हो सकती है, लेकिन इमसें इन्वेस्टमेंट और जोखिम दोनों ज्यादा होते हैं.

रिटर्न कितना मिलता है?

  • अगर इनके रिटर्न की बात करें तो कमर्शियल प्रॉपर्टी में करीब 6 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक रिटर्न मिलता है.
  • वहीं रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी में करीब 2 प्रतिशत से 4 प्रतिशत तक रिटर्न मिलता है.

यानी मतलब साफ है कि कमर्शियल में कमाई ज्यादा है, लेकिन सही लोकेशन और अच्छी प्रॉपर्टी चुनन बेहद जरूरी है.

इनकम कितनी स्थिर होती है?

  • रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी में किरायेदार जल्दी और आसानी से मिल जाते हैं, इसलिए इनकम स्थिर रहती है.
  • कमर्शियल प्रॉपर्टी में बिजनेस पर निर्भरता होती है, इसलिए मंदी में दुकान या फिर ऑफिस खाली भी रह सकते हैं.

जानिए जोखिम क्या हैं?

  • बात करें पुरानी प्रॉपर्टी की तो इसमें रखरखाव खर्च ज्यादा हो सकता है.
  • नए प्रोजेक्ट मिलने में देरी हो सकती है और साथ ही मंजूरी में दिक्कत या वादे से कम रिटर्न का खतरा रहता है.

ध्यान रहें कि इन्वेस्टमेंट से पहले डेवलपर और प्रोजेक्ट की पूरी जांच जरूरी है.

कम बजट वालों के लिए जरूरी सलाह

कम बजट में सिर्फ प्राइम लोकेशन के पीछे भागने की बजाय जैसे…

  • टियर-2 शहरों या उभरते इलाकों में इन्वेस्ट करें.
  • यहां प्रॉपर्टी सस्ती होती है और फ्यूचर में ग्रोथ की ज्यादा संभावना रहती है.

आखिर किसमें करें इन्वेस्ट?

कमर्शियल प्रॉपर्टी- ज्यादा रिटर्न, लेकिन ज्यादा जोखिम
रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी- कम रिटर्न, लेकिन ज्यादा स्थिर और सुरक्षित

पहली बार इन्वेस्ट करने वाले व्यक्ति के लिए, आख़िरकार यह फ़ैसला उसके बजट, जोखिम उठाने की क्षमता और वह अपने इन्वेस्ट को कितनी सक्रियता से मैनेज करना चाहता है, इन बातों पर निर्भर करता है.



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