• April 4, 2026

भारतीय फार्मा कंपनियों पर गिरी गाज, ट्रंप ने दवाओं पर लगाया 100 परसेंट टैरिफ

भारतीय फार्मा कंपनियों पर गिरी गाज, ट्रंप ने दवाओं पर लगाया 100 परसेंट टैरिफ
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Trump Tariff on Pharma: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं और उनके एक्टिव इंग्रीडिएंट्स पर 100 परसेंट टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. उनका यह फैसला अमेरिकी बाजारों में इनोवेटिव दवाओं के सेगमेंट में अपनी अच्छी-खासी मौजूदगी रखने वाली भारतीय दवा कंपनियों पर असर डाल सकता है.

हालांकि, ज्यादातर भारतीय दवा एक्सपोर्टर इस टैरिफ से बचे रहेंगे क्योंकि इसमें जेनेरिक और बिना ब्रांड वाली दवाएं शामिल नहीं है.  वहीं Sun Pharma और Glenmark Pharmaceuticals पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ने की संभावना है क्योंकि ये पेटेंटेड प्रोडक्ट्स पर ज्यादा ध्यान देते हें और अमेरिका के स्पेशिलिटी वाले दवाओं के सेगमेंट में इनकी कमर्शियल मौजूदगी है. 

पेटेंटेड प्रोडक्ट्स क्या होते हैं?

जब किसी प्रोडक्ट पर उस कंपनी का कानूनी अधिकार होता है तो उसे पेटेंटेड कहा जाता है. इसी तरह से सन फार्मा या ग्लेनमार्क जैसी कंपनियां जब खूब सारा पैसा और समय लगाकर कोई नई दवा की खोज करती है, तो वह सरकार से उसका पेटेंट ले लेती है. पेटेंड मिलने के बाद एक निश्चित समय तक (अमूमन 20 साल) कोई दूसरी कंपनी उस दवा को बना या बेच नहीं सकती है. इसके चलते बाजार में उस दवा पर जब किसी एक कंपनी का अधिकार होता है, तो उसकी कीमत भी वही तय करती है. यही वजह है कि ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाएं अकसर महगी होती हैं.

सन फार्मा पर असर

भारत की सबसे बड़ी फार्मा कंपनी सन फार्मा की अमेरिकी बाजारों में अच्छी-खासी पहचान है. अमेरिकी बाजारों में कंपनी की पेटेंटेड दवाओं की बड़े पैमाने पर बिक्री होती है. सन फार्मा के टोटल रेवेन्यू का 30-35 परसेंट अकेले अमेरिका से आता है. कारोबारी साल 2025 में Sun Pharma के पेटेंटेड प्रोडक्ट्स से ग्लोबल बिक्री 1.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर रही.

Sun Pharma के पेटेंटेड प्रोडक्ट्स की 85–90 परसेंट बिक्री अमेरिका में ही होती है. टैरिफ लगने से ये दवाएं और महंगी हो जाएगी. खासतौर पर, Sun Pharma के स्पेशलिटी ब्रांड्स (Ilumya, Winlevi, Cequa, Sezaby) पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ने की उम्मीद है क्योंकि ये सभी टैरिफ के दायरे में आएंगे. 

ग्लेनमार्क पर असर

ग्लेनमार्क के लिए उसकी प्रमुख दवा Ryaltris पर टैरिफ का सबसे ज्यादा असर दिख सकता है क्योंकि यह एक ब्रांडेड दवा है और अमेरिका में इसका मार्केट शेयर तेजी से बढ़ रहा है. 100 परसेंट टैरिफ लगने से दवा की कीमत दोगुनी हो जाएगी. इससे अमेरिकी बाजारों में इसकी मांग में कमी देखने को मिल सकती है. 

शेयर बाजार पर असर

बीते 2 अप्रैल को ट्रंप के इस ऐलान के बाद Nifty Pharma Index में भारी गिरावट देखी गई. यह 3.5-5 परसेंट तक लुढ़क गया. इस दौरान सन फार्मा और ग्लेनमार्क के शेयर भी 5-6 परसेंट तक टूट गए. 

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